Allocation of portfolios following the West Bengal cabinet expansion
कोलकाता।
पश्चिम बंगाल सरकार ने हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने गृह, पर्वतीय मामलों, भूमि एवं भूमि सुधार तथा शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास ही रखे हैं। सरकार का कहना है कि नए विभागीय आवंटन का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना और विभिन्न क्षेत्रों के विकास को गति देना है।
हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद राज्य मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 हो गई है। इसके साथ ही सरकार ने विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां नए मंत्रियों को सौंपते हुए प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश की है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री Nisith Pramanik को उत्तर बंगाल विकास विभाग और जल संसाधन जांच एवं विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य सरकार का मानना है कि सीमावर्ती और उत्तर बंगाल के क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
वरिष्ठ भाजपा नेता Dilip Ghosh को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ कृषि विपणन विभाग का दायित्व दिया गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों के लिए बेहतर बाजार व्यवस्था विकसित करने की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी।
प्रख्यात पत्रकार और राजनेता Swapan Dasgupta को राज्य के वित्त विभाग की कमान सौंपी गई है। वित्त विभाग राज्य की आर्थिक नीतियों और बजट प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वहीं भाजपा नेता Agnimitra Paul को शहरी विकास एवं नगर मामलों का विभाग दिया गया है। राज्य के शहरों में बुनियादी ढांचे के विकास, शहरी सेवाओं और नगर निकायों के कामकाज की जिम्मेदारी उनके पास होगी।
Tapas Roy को उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम विभाग के साथ सार्वजनिक उपक्रम, औद्योगिक पुनर्निर्माण तथा गैर-पारंपरिक और नवीकरणीय ऊर्जा विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य सरकार औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए इन विभागों को अहम मानती है।
Arup Kumar Das को सिंचाई एवं जलमार्ग विभाग सौंपा गया है, जबकि Jagannath Chattopadhyay को उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
इसके अलावा Kalyan Chakraborty को सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और बागवानी विभागों का प्रभार दिया गया है। राज्य की तकनीकी और औद्योगिक प्रगति में इन विभागों की अहम भूमिका मानी जाती है।
स्वास्थ्य क्षेत्र की जिम्मेदारी Sharadwat Mukherjee को सौंपी गई है, जिन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का प्रभारी बनाया गया है। वहीं Ajay Kumar Poddar को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण और लोक निर्माण विभाग दिए गए हैं।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) और राज्य मंत्रियों के विभागों की भी घोषणा की गई है। इसे राज्य प्रशासन के व्यापक पुनर्गठन के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि 1 जून को कोलकाता स्थित लोक भवन में 35 नए मंत्रियों ने शपथ ली थी। R N Ravi ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्रिपरिषद का आकार बढ़कर 41 सदस्यों का हो गया। माना जा रहा है कि यह विस्तार और विभागों का नया बंटवारा राज्य में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विकास योजनाओं को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।