त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अगरतला-करीमगंज मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 04-07-2026
Tripura CM Manik Saha flags off Agartala-Karimganj MEMU train service
Tripura CM Manik Saha flags off Agartala-Karimganj MEMU train service

 

अगरतला (त्रिपुरा) 
 
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शनिवार को अगरतला रेलवे स्टेशन से लंबे समय से प्रतीक्षित अगरतला-करीमगंज-अगरतला MEMU ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई। इससे त्रिपुरा और असम के बीच रोज़ाना यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इस नई रोज़ाना ट्रेन सेवा से हज़ारों यात्रियों को फ़ायदा होने की उम्मीद है, खासकर उन लोगों को जो दफ़्तर जाते हैं, व्यापारी हैं और अगरतला और करीमगंज के बीच नियमित रूप से यात्रा करते हैं। इस मौके पर राज्यसभा सांसद राजीव भट्टाचार्य, ज़िला मजिस्ट्रेट विशाल कुमार और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
 
त्रिपुरा और असम, दोनों जगहों के लोगों ने इस नई ट्रेन सेवा का स्वागत किया है, क्योंकि वे कई सालों से बेहतर रेल कनेक्टिविटी का इंतज़ार कर रहे थे। इससे पहले, गुरुवार को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की थी। इसमें राज्य में नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स की प्रगति और भविष्य में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर चर्चा की गई।
 
बैठक में चल रहे नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स में तेज़ी लाने, मौजूदा सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव को बेहतर बनाने और त्रिपुरा के अंदर व पड़ोसी राज्यों के साथ कनेक्टिविटी सुधारने के लिए नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। अपनी शुरुआती बातों में, CM साहा ने त्रिपुरा में नेशनल हाईवे नेटवर्क के ज़बरदस्त विस्तार के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी का आभार व्यक्त किया। यह नेटवर्क 2014 में 198 किमी से बढ़कर 2026 में 923 किमी हो गया है।
 
बैठक के दौरान, साहा ने कई महत्वपूर्ण फ़ैसलों पर चर्चा की और उन्हें तय समय-सीमा में लागू करने की बात कही। CM साहा ने NH-08 (130 किमी) के चुराईबारी-चंपकनगर हिस्से को 4-लेन का बनाने के लिए अलाइनमेंट (रास्ते) के बारे में चिंता जताई। इस अलाइनमेंट को राज्य सरकार के साथ सलाह-मशविरे के बाद मंत्रालय ने मंज़ूरी दी है। प्रस्तावित ग्रीनफ़ील्ड फोर-लेन हाईवे रेलवे लाइन के समानांतर चलेगा और इसमें अथारमुरा और लोंगथराई रेंज से गुज़रने वाली सुरंगें शामिल होंगी। इस प्रोजेक्ट के लिए ज़मीन अधिग्रहण का काम जल्द ही शुरू होगा।
 
मुख्यमंत्री ने नेशनल हाईवे के किनारे उचित ड्रेनेज सिस्टम और रिटेनिंग वॉल बनाने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया, ताकि मॉनसून के मौसम में आस-पास की बस्तियों में बाढ़ को रोका जा सके और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के असर को कम किया जा सके।