Traders in Madhya Pradesh observed 'No UPI Day', covered QR codes with black cloth.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्र सरकार द्वारा 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने के फैसले के खिलाफ मध्यप्रदेश में व्यापारिक संगठनों ने बुधवार को ‘नो यूपीआई डे’ मनाया।
राज्य के अलग-अलग स्थानों पर व्यापारियों ने अपनी दुकानों पर लगे यूपीआई क्यूआर कोड स्कैनर को काले कपड़े से ढंक कर विरोध जताया। उन्होंने ग्राहकों से नकद भुगतान करने की अपील की।
कारोबारी संगठनों के महासंघ अहिल्या चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने दावा किया कि ‘नो यूपीआई डे’ के अभियान को पूरे प्रदेश में व्यापारियों का समर्थन मिला और इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रतलाम, नीमच, मंदसौर और जावरा सहित विभिन्न स्थानों के कारोबारी इसमें शामिल हुए।
खंडेलवाल, केंद्र सरकार के राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (एनटीडब्ल्यूबी) के सदस्य के तौर पर इस निकाय में मध्यप्रदेश की नुमाइंदगी करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘व्यापारी सरकार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनका सवाल यह है कि एमडीआर से मिलने वाला धन जब सरकारी कोष में नहीं जा रहा है, तो व्यापारियों पर इसका अतिरिक्त बोझ क्यों डाला जा रहा है?’’
खंडेलवाल के मुताबिक प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर के करीब 125 व्यापारिक संगठन ‘नो यूपीआई डे’ अभियान में शामिल हुए।