जम्मू-कश्मीर में पर्यटन ने दर्ज की 1.78 करोड़ यात्राओं के साथ स्थिर वृद्धि

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 04-02-2026
Tourism in Jammu and Kashmir has recorded steady growth with 1.78 crore visits.
Tourism in Jammu and Kashmir has recorded steady growth with 1.78 crore visits.

 

श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर में पर्यटन लगातार क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है। वर्ष 2025 में 1.78 करोड़ पर्यटन यात्राएं दर्ज की गईं, जो सुरक्षा चिंताओं और प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद पर्यटन क्षेत्र में स्थिरता को दर्शाती हैं।

केंद्र शासित प्रदेश के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि यह लगातार वृद्धि बेहतर अवसंरचना, कनेक्टिविटी और नीति आधारित पहल का नतीजा है। उन्होंने विधान सभा के बजट सत्र के उद्घाटन के दिन बताया कि पर्यटन को अब औद्योगिक दर्जा दिया गया है, ताकि निवेश आकर्षित हो और रोजगार सृजन बढ़ सके।

सिन्हा ने कहा कि प्रशासन वर्ष भर पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए नई आकर्षण स्थलों के विकास और क्षेत्रीय विविधीकरण पर काम कर रहा है। इसी क्रम में अक्टूबर 2025 में बाग-ए-गुल-ए-दाऊद, कश्मीर का पहला क्राइसेन्थमम गार्डन, आम दर्शकों के लिए खोला गया। 50 से अधिक फूलों की किस्मों वाले इस बाग को शरद ऋतु में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने की उम्मीद है, जो वसंत में ट्यूलिप गार्डन को पूरक करेगा।

पर्यटन में पारंपरिक अनुभवों का महत्व भी बना हुआ है। गुलमर्ग में स्लेज राइड सर्दियों का सबसे लोकप्रिय आकर्षण है। हाथ से बने लकड़ी के स्लेज पर स्थानीय मार्गदर्शकों के साथ की जाने वाली यह सवारी पर्यटकों को वास्तविक अनुभव और रोमांच देती है। पर्यटक संजाना ने कहा, “पहली बार आकर यह अनुभव अद्भुत था। बर्फ़ में यह यात्रा जीवनभर याद रहने वाली है।”

स्थानीय समुदायों के लिए यह एक महत्वपूर्ण आजीविका स्रोत भी है। गुलमर्ग में लगभग 1,600–1,700 लोग सीधे पर्यटन गतिविधियों से जीविका कमाते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि प्रशासन ने जम्मू में तीर्थयात्रा पर्यटन, कश्मीर में एडवेंचर पर्यटन और सीमांत व आदिवासी क्षेत्रों में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया है। रेलवे कनेक्टिविटी को भी ऐतिहासिक कदम बताया गया है, जिसमें जम्मू और कश्मीर के लिए पूर्ण रेलवे डिविजन और जम्मू-तवी रेलवे स्टेशन का विस्तार एवं आधुनिकीकरण शामिल है।

सिन्हा ने कहा कि Article 370 रद्द होने के बाद नीतियों का कार्यान्वयन और अधिक प्रभावी हुआ है, जिससे बुनियादी ढांचा, कनेक्टिविटी और निवेश आधारित विकास को गति मिली है। सरकार सतत पर्यटन विकास परियोजनाओं पर भी काम कर रही है, जो नए पर्यटन केंद्र विकसित करेंगे, पर्यावरण की सुरक्षा करेंगे और स्थानीय रोजगार सृजन में मदद करेंगे।

जम्मू-कश्मीर में पर्यटन का यह स्थिर विकास न केवल आर्थिक वृद्धि को दर्शाता है, बल्कि क्षेत्रीय संतुलन और स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण में भी योगदान दे रहा है।