तिरंगा मार्च गैर-राजनीतिक होगा, नेताओं के समर्थन में नारे नहीं लगाए जाएंगे: राज ठाकरे

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 25-07-2026
Tiranga March will be non-political, no slogans will be raised in support of leaders: Raj Thackeray
Tiranga March will be non-political, no slogans will be raised in support of leaders: Raj Thackeray

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि शिवसेना (उबाठा) और मनसे की ओर से 26 जुलाई को निकाला जाने वाला संयुक्त मार्च गैर-राजनीतिक होगा।
 
राज ठाकरे ने कहा कि मार्च में किसी भी दल के झंडे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा तथा नारेबाजी केवल सरकार की कार्रवाई की निंदा करने और छात्रों के प्रति समर्थन जताने तक सीमित रहनी चाहिए।
 
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरने ) और मनसे द्वारा आयोजित इस संयुक्त ‘तिरंगा मार्च’ का नेतृत्व शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे करेंगे।
 
यह मार्च केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों तथा कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के समर्थकों के समर्थन में निकाला जा रहा है।
 
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह एक ‘तिरंगा मार्च’ है। यह पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है। इसमें किसी भी दल के झंडे नहीं होंगे और न ही किसी दल के नेताओं के समर्थन में नारे लगाए जाएंगे। इसमें सरकार की कार्रवाई की निंदा करने वाले और देशभर के छात्रों तथा युवाओं के प्रति समर्थन जताने वाले नारे लगाए जाएंगे।’’
 
उन्होंने कहा कि मार्च का आयोजन राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) में हुई कथित अनियमितताओं और छात्रों के प्रदर्शन को दबाने के सरकार के प्रयासों के विरोध में किया जा रहा है।
 
ठाकरे ने कहा, ‘‘भले ही उद्धव (ठाकरे) और मैं इस मार्च के संयोजक हैं, लेकिन हमारे नाम पर भी कोई नारेबाजी नहीं होनी चाहिए। यह छात्रों का मार्च है और हमें इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए।’’
 
मनसे प्रमुख ने कहा कि मार्च का उद्देश्य दिल्ली में सरकार की कथित मनमानी और उसके निर्देशों पर काम कर रही दिल्ली पुलिस के रवैये की निंदा करना है।
 
उद्धव ठाकरे ने मुंबई के दादर इलाके में शुक्रवार को हजारों प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यह ‘जन की बात’ है और दिल्ली को इसे सुनना ही होगा। जिस तरह से छात्रों पर हमला किया गया और उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, मैं सरकार को चेतावनी दे रहा हूं। आपके पास लाठियां हो सकती हैं, लेकिन हमारे पास तिरंगे हैं। देखते हैं कौन जीतता है।’’