नव वर्ष के दिन हजारों श्रद्धालु पुरी जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 01-01-2026
Thousands of devotees visited Puri Jagannath Temple on New Year's Day.
Thousands of devotees visited Puri Jagannath Temple on New Year's Day.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
नव वर्ष के अवसर पर बृहस्पतिवार को हजारों श्रद्धालु तीर्थ नगरी पुरी में उमड़ पड़े और 12वीं शताब्दी के मंदिर में भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए लंबी कतार में खड़े रहे ।
 
प्रशासन द्वारा घोषित समय के अनुसार मंदिर के द्वार देर रात 1:55 बजे श्रद्धालुओं के लिये खोल दिए गए।
 
अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं का मानना है कि वर्ष के पहले दिन भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने से उन्हें सफलता मिलती है। मंदिर के सामने कतारों में बुजुर्गों की संख्या अपेक्षाकृत कम दिखाई दी। अधिकारियों के अनुसार, इस अवसर पर मंदिर में प्रार्थना करना युवाओं के बीच एक विशेष चलन बन गया है।
 
अधिकारियों ने बताया कि मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्रों को सीसीटीवी निगरानी में रखने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण के लिए मंदिर के अंदर और बाहर 2,100 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। श्रद्धालु कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कर रहे थे और बाद में उन्हें ‘बहारा कथा’ (बाहरी मार्ग) से दर्शन की अनुमति दी गई।
 
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “श्रद्धालुओं की हर गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष टीम तैयार है।”
 
पुरी के पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह ने कहा, “श्रद्धालुओं के सुचारू दर्शन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि जो श्रद्धालु कल रात से कतार में खड़े हैं, उन्हें बिना किसी बाधा के दर्शन प्राप्त हो सकें।”
 
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शेडों में सीसीटीवी कैमरे और सार्वजनिक संबोधन प्रणाली भी स्थापित की गई है।
 
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं को देवी-देवताओं के सुचारू दर्शन में सहायता प्रदान करने के लिए सैकड़ों स्वयंसेवकों को तैनात किया है।
 
मंदिर प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया, “सुबह 11 बजे तक करीब 15 लाख श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर चुके हैं और उन्हें व्यवस्थित रूप से दर्शन कराए गए हैं।”
 
श्री जगन्नाथ संस्कृति के शोधकर्ता भास्कर मिश्रा ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार नव वर्ष कोई धार्मिक त्योहार नहीं है, फिर भी यह अवसर श्री जगन्नाथ मंदिर में एक महत्वपूर्ण आयोजन के रूप में विकसित हो गया है।