Those encroaching on government land in Himachal will not be able to contest Panchayat elections: Official
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
हिमाचल प्रदेश में सरकारी या 'शामलात' भूमि पर अतिक्रमण करने वाले लोगों को पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) में चुनाव लड़ने से रोक दिया जाएगा। राज्य के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
'शामलत' भूमि गांव की साझा भूमि होती है जिसका उपयोग समुदाय द्वारा किया जाता है।
अधिकारी ने बताया कि पंचायतों के प्रमुख पदों पर स्वच्छ और ईमानदार छवि वाले प्रतिनिधियों का चयन सुनिश्चित करने के लिए यह आदेश जारी किया गया है।
भ्रष्टाचार के आरोपी ग्राम प्रधान और अन्य पंचायत सदस्यों को भी चुनाव लड़ने से रोक दिया जाएगा।
राज्य सरकार ने पहले ही उन व्यक्तियों को पंचायत चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया है जिनके खिलाफ 'चिट्टा' (हेरोइन) की तस्करी में संलिप्तता के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
सरकार ने 31 मई को होने वाले पंचायती राज चुनावों से पहले ऐसे लोगों के संबंध में जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। पंचायती राज विभाग ने नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया है।