राजस्थान में सरकार नाम की चीज नहीं : अशोक गहलोत

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 01-06-2026
There is no such thing as government in Rajasthan: Ashok Gehlot
There is no such thing as government in Rajasthan: Ashok Gehlot

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर हमला बोलते हुए सोमवार को कहा कि राज्य में सरकार नाम की चीज नहीं है।
 
उन्होंने सरकार पर कानून व्यवस्था से लेकर शिक्षा व स्वास्थ्य सहित अनेक मोर्चों पर विफल रहने का आरोप लगाया।
 
गहलोत ने अजमेर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘राजस्थान में जबसे यह सरकार आई, तबसे लोगों में हाहाकार मच गया है। सरकार नाम की चीज नहीं है। 'डबल इंजन' की बात की गई ... (पर) दुष्कर्म (के मामले) बढ़ गए, दवाइयां मिलनी बंद हो गई... कानून व्यवस्था की स्थति चौपट हो गई है। शिक्षा हो या स्वास्थ्य ...सभी क्षेत्रों में सुनवाई नहीं हो रही है।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में डबल इंजन सरकार के मायने क्या है? लोगों में ऐसा संदेश गया था कि 'डबल इंजन' दिल्ली वाला आ जाएगा तो हमारे यहां शानदार प्रशासन मिलेगा। जबकि उलटा हो गया।’’
 
गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार को जनता के हित में इस स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए।
 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने भीषण गर्मी के बीच राज्य के कई हिस्सों में पेयजल संकट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया, "लोग पानी के लिए जूझ रहे हैं और उन्हें भारी पैसे देकर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। यह सरकार ऐसे विकट मौसमी हालात में भी राहत देने में नाकाम रही है।"
 
गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएएचएस) के तहत अस्पतालों को किया जाना वाला भुगतान अटका है जिससे मरीज और पेंशनभोगी परेशान हैं क्योंकि उन्हें समुचित इलाज नहीं मिल रहा है।
 
अपनी सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं का ज़िक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि लोगों के पास आज भी गत सरकार की 'अन्नपूर्णा योजना' के थैले दिखते हैं जो उनकी योजनाओं के असर को दिखाता है।
 
उन्होंने कहा, "जनता को 'डबल-इंजन सरकार' से बहुत उम्मीदें थीं लेकिन लोग निराश हैं क्योंकि कई वादे पूरे नहीं हुए हैं।"
 
प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने सहित अन्य मुद्दों पर गहलोत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का समर्थन किया जिन्होंने कथित गड़बड़ियों को लेकर चिंता जताई थी।
 
गहलोत ने राज्य सरकार पर स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में देरी करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया, "ऐसा लगता है कि सरकार चुनाव कराने से डर रही है, इसीलिए इस प्रक्रिया में देरी की जा रही है।"