The UCC will be implemented in Assam within three months of the BJP's return to power: Himanta
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में वापसी करने पर तीन महीने के भीतर राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने नौ अप्रैल को होने वाले असम विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के घोषणापत्र जारी करने के कार्यक्रम के दौरान कहा कि इसे राज्य के आदिवासियों और अन्य जातीय समुदायों के अधिकारों को प्रभावित किए बिना लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा, "हम 'लव एंड लैंड जिहाद' के खिलाफ सख्त कानून ला रहे हैं और राज्य के जिला आयुक्तों को अवैध अप्रवासी निष्कासन अधिनियम, 1950 को लागू करने का अधिकार दे रहे हैं, जिसके तहत वे विदेशियों को 24 घंटे के भीतर निष्कासित कर सकते हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "भाजपा हमारे जंगलों और अन्य जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगी। हम बांग्लादेशी घुसपैठियों को बेदखल करेंगे और उनके चंगुल से जमीन का एक-एक इंच वापस लेंगे।"
राज्य से घुसपैठियों को हटाने में कितना समय लगेगा, यह पूछे जाने पर शर्मा ने कहा कि जब तक बांग्लादेश का अस्तित्व है, घुसपैठिए आते रहेंगे और हमें उनसे लड़ना होगा। घुसपैठियों को वापस भेजना किसी इमारत के निर्माण जैसा नहीं है, जिसके लिए हम कोई समय सीमा तय कर सकें।
उन्होंने कहा, "जब तक भारत और बांग्लादेश पड़ोसी देश हैं, यह लड़ाई जारी रहेगी और हमें इस खतरे से लड़ते रहना होगा।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "पिछले पांच वर्षों में, हमने बांग्लादेशी मियाओं के हाथ-पैर तोड़ दिए हैं और अब वे सत्ता का केंद्र माने जाने वाले दिसपुर (राज्य सचिवालय) के आसपास कहीं भी नहीं नज़र आते।"
उन्होंने कहा, "हमारा वादा है कि इस बार हम बांग्लादेशी मियाओं की राजनीतिक कमर तोड़ देंगे।"
मुख्यमंत्री ने पार्टी के सत्ता में लौटने पर शुरू की जाने वाली विभिन्न विकास और कल्याणकारी पहलों पर भी प्रकाश डाला।