आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत का एक कारोबारी प्रतिनिधिमंडल इन दिनों चीन की यात्रा पर है और वहां अपने समकक्ष संगठनों के साथ बातचीत कर रहा है। यह पांच साल के अंतराल के बाद इस तरह की पहली यात्रा है।
चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) की पंजाब, हरियाणा, दिल्ली इकाई के सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल 29 मार्च से चार अप्रैल तक शंघाई और चीन के जियांगसू प्रांत की यात्रा पर है। ये दोनों शहर चीन के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है।
पूर्वी लद्दाख में 2020 में सैन्य गतिरोध के बाद दोनों देशों के संबंधों में आई खटास से पिछले पांच वर्ष से ऐसी यात्राएं बंद थीं। पिछले वर्ष दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य होने के बाद यह पहला भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल है, जो चीन पहुंचा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच 2024 और 2025 में ब्रिक्स तथा शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलनों के इतर हुई बैठकों के बाद दोनों देशों के संबंधों में सुधार की प्रक्रिया तेज हुई।
शंघाई में भारत के महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने मंगलवार को पीएचडीसीसीआई प्रतिनिधिमंडल और पूर्वी चीन की प्रमुख कंपनियों तथा वित्तीय संस्थानों के साथ व्यापार गोलमज बैठक आयोजित की जिसमें भारतीय व्यवसायों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
माथुर ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है और देश की युवा आबादी अंतरराष्ट्रीय साझेदारी एवं निवेश के लिए बड़े अवसर उत्पन्न करती है।