मादक पदार्थ तस्करी गिरोह में शिक्षिकाओं की संलिप्तता की पहले से कोई जानकारी नहीं थी: बीआरसी अधिकारी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 27-07-2026
 the thers' involvement in the drug trafficking gang: BRC official
the thers' involvement in the drug trafficking gang: BRC official

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
पेराम्ब्रा खंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि उन्हें मादक पदार्थ तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में दो विशेष शिक्षिकाओं की कथित संलिप्तता की पहले से कोई जानकारी नहीं थी।
 
अधिकारियों ने यह भी कहा कि संस्थान में कार्यरत रहने के दौरान दोनों के ऐसे किसी गतिविधि से जुड़े होने का कोई संकेत नहीं मिला था।
 
यह सफाई पेराम्ब्रा खंड संसाधन केंद्र से संबद्ध शारीरिक शिक्षा शिक्षिका कीर्तना और ऑटिज्म से पीड़ित विद्यार्थियों को पढ़ाने वाली शिक्षिका काव्या की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद आई है। बीआरसी, समग्र शिक्षा केरल (एसएसके) के अधीन संचालित होता है।
 
अधिकारियों ने बताया कि दोनों शिक्षिकाएं अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण भी देती थीं। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें विभिन्न विद्यालयों में अध्यापन के लिए भी नियुक्त किया जाता था।
 
उन्होंने बताया कि संस्थान में नियमित रूप से अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) की बैठकें आयोजित की जाती थीं और ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के साथ किए गए कार्यों के लिए संस्थान को सराहना भी मिली है।
 
अधिकारियों के अनुसार, कीर्तना की गिरफ्तारी के बाद कर्मचारियों की बैठक बुलाई गई और उनसे पूछा गया कि कहीं उनका मादक पदार्थों से जुड़ी किसी गतिविधि से संबंध तो नहीं है।
 
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि यदि किसी का भी ऐसी गतिविधियों से संबंध है तो उसे तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।
 
अधिकारियों ने बताया कि काव्या ने पूछताछ में कीर्तना से दोस्ती की बात स्वीकार की, लेकिन किसी भी अवैध गतिविधि में संलिप्तता से इनकार किया।
 
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हम जानते थे कि दोनों अच्छी मित्र हैं। वे अक्सर साथ सफर करती थीं, लेकिन विशेष शिक्षिकाएं होने से उन पर कभी संदेह नहीं हुआ।’’
 
अधिकारियों ने बताया कि सभी संविदा कर्मचारियों से हर साल अनुबंध पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं, जिसके तहत कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के कदाचार की स्थिति में उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
 
यह पूछे जाने पर कि क्या दोनों शिक्षिकाओं ने बीआरसी के नशा-निरोधी जागरुकता अभियानों में भाग लिया था तो अधिकारियों ने बताया कि कीर्तना ने बच्चों फिटनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित एक ‘जुम्बा सत्र’ का संचालन कर ऐसे ही एक अभियान में हिस्सा लिया था।
 
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद कीर्तना को तत्काल सेवा से बर्खास्त कर दिया गया और सोमवार को काव्या की सेवाएं भी समाप्त कर दी गईं।
 
इस बीच, केरल स्टूडेंट यूनियन (केएसयू) और मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (एमएसएफ) के कार्यकर्ताओं ने दोनों शिक्षिकाओं की गिरफ्तारी के बाद बीआरसी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया।
 
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कीर्तना के विरुद्ध पहले भी शिकायतें मिली थीं। उनका कहना है कि एक विद्यालय में प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उसके पास से कथित रूप से सिगरेट मिली थी।
 
दोनों शिक्षिकाओं की कथित संलिप्तता का खुलासा एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद हुआ जिसके पास से घातक कृत्रिम मादक पदार्थ ‘एमडीएमए’ बरामद किया गया।