आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के शासन में राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था ‘‘पूरी तरह चरमरा गई है।’’
अशोक का यह आरोप तब आया जब प्रदेश के कोलार जिले में अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं ठप होने के बाद मरीजों और उनके परिजनों ने प्रदर्शन किया।
मरीजों के परिजनों का कहना है कि वे पिछले तीन दिन से अस्पताल में जांच कराने के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा।
इसी प्रकार की स्थिति यादगिरि जिला अस्पताल में भी बताई जा रही है, जहां आवश्यक जांच सेवाएं बाधित होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कोलार जिला अस्पताल में प्रदर्शन में शामिल एक महिला ने पत्रकारों से कहा कि उसके पति के चेहरे पर गंभीर सूजन है, लेकिन अस्पताल प्रशासन स्कैन नहीं करा रहा।
उसने भावुक स्वर में कहा, ‘‘आज वे स्कैन के लिए 4,000 रुपये मांग रहे हैं। गरीब लोग इतनी रकम कहां से लाएं। क्या गरीबों को बिना इलाज के मरने के लिए छोड़ दिया गया है।’’
अशोक ने ‘एक्स’ पर ‘क्रस्ना डायग्नोस्टिक लिमिटेड’ की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्नाटक को लिखा गया पत्र साझा किया। इस पत्र में लंबित बकाया राशि जारी करने का अनुरोध किया गया है और चेतावनी दी गई है कि भुगतान नहीं होने की स्थिति में 18 फरवरी से सीटी स्कैन एवं एमआरआई सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी जाएंगी।