आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को कहा कि तमिलनाडु के लोग द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) से ‘तंग आ चुके हैं’ और ‘परिवारवाद’ से छुटकारा पाना चाहते हैं।
नड्डा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रमुक सरकार के कार्यकाल में यह राज्य ‘सांस्कृतिक राजधानी’ से ‘अपराध की राजधानी’ में तब्दील हो गया है।
तमिलनाडु की 234-सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को होने वाले चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने ‘‘पुदिया युगम पदैक्कुम थमराई वकुरुथि (कमल वादे के माध्यम से एक नये युग का निर्माण) -2026’’ नाम से अपना घोषणा-पत्र जारी किया। पार्टी ने दावा किया कि द्रमुक ‘सभी मोर्चों पर तमिलनाडु को विफल’ कर चुकी है।
पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन की अध्यक्षता में 13-सदस्यीय समिति द्वारा तैयार किए गए भाजपा के चुनावी घोषणा-पत्र में शासन और कानून व्यवस्था, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य सेवा और किसान कल्याण सहित 12 विषयों को शामिल किया गया है।
तमिल नववर्ष के अवसर पर जारी किए गए घोषणापत्र में आश्वासन दिया गया है कि भगवान मुरुगन (सुब्रह्मण्य स्वामी) के सम्मान में आयोजित किये जाने वाले ‘थाईपूसम’ को राज्य उत्सव घोषित किया जाएगा, और तिरुप्पारनकुंद्रम पहाड़ी की चोटी पर ‘कार्तिकई दीपम’ जलाने की परंपरा को फिर से शुरू किया जाएगा और संरक्षित किया जाएगा।
भाजपा ने घोषणा-पत्र में ‘गांजा-मुक्त’ राज्य, त्वरित कार्रवाई के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन, विशेष त्वरित अदालतें और बार-बार अपराध करने वालों तथा गिरोहों के लिए स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मृत्युदंड का भी वादा किया गया है।