the Indian Consulate introduces seven excellent varieties of mangoes.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय आमों की अमेरिकी शहरों में धूम मची हुई है। अमेरिकी लोग इस फल की लोकप्रिय किस्मों को बड़े चाव से खा भी रहे हैं और उनकी अधिक से अधिक मांग भी कर रहे हैं।
सिएटल स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें ‘फलों के राजा’ आम के अमेरिका के प्रशांत उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में निर्यात और उपयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया।
सिएटल स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने शुक्रवार को ‘आम का जादू: भारतीय आमों का प्रचार और स्वाद कार्यक्रम’ के दूसरे संस्करण की मेजबानी की।
इस आयोजन में ‘कॉस्टको’ जैसी अमेरिकी खुदरा क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के वरिष्ठ नेतृत्व सहित भारतीय फलों के 100 से अधिक प्रमुख आयातकों ने भाग लिया। इस दौरान आयातकों को भारतीय आमों की सात उम्दा किस्मों-महाराष्ट्र के अल्फांसो (हाफुस) और केसर, आंध्र प्रदेश के बंगनपल्ली (सफेदा) और हिमायत, उत्तर प्रदेश के लंगड़ा और प्रसिद्ध दशहरी तथा गुजरात के राजापुरी - का स्वाद चखने का भी अवसर मिला।
सिएटल स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि कार्यक्रम ने आम की क्षेत्रीय किस्मों की क्षमता और अमेरिका के प्रशांत उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों द्वारा उनके निर्यात और उपयोग की संभावनाओं को और अधिक बढ़ाया है।
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) के सहयोग से आयोजित इस भारतीय आम प्रचार कार्यक्रम में दोपहर के भोज का भी आयोजन था, जिसमें भारतीय आमों से तैयार किए गए भारतीय व्यंजन परोसे गए।
वाशिंगटन राज्य के लेफ्टिनेंट गवर्नर डेनी हेक ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘जब तक मैं जिंदा हूं आमों के इस कार्यक्रम में शामिल होना नहीं भूलूंगा।’’
इस विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हेक ने वाशिंगटन में भारतीय आमों की विस्तृत विविधता की शुरुआत का स्वागत किया।