The Election Commission has ordered the transfer of officials stuck in their home districts ahead of the five assembly elections.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग (ईसी) ने संबंधित सरकारों से अपने गृह जिलों में तैनात अधिकारियों का तबादला करने को कहा है, जो चुनावों से पहले उठाया जाने वाला एक नियमित कदम है।
तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में निर्वाचन आयोग ने कहा कि चुनाव वाले राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव संचालन से सीधे तौर पर जुड़े अधिकारियों को उनके गृह जिलों या उन स्थानों पर तैनात नहीं किया जाना चाहिए जहां उन्होंने काफी लंबे समय तक सेवा की हो।
आयोग ने बताया कि इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है।
निर्वाचन आयोग को विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव कराने का दायित्व सौंपा गया है ताकि वर्तमान सदन का कार्यकाल समाप्त होने से पहले एक नई विधानसभा का गठन हो सके।
आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव से सीधे संबद्ध नहीं रहने वाले सरकारी डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक या प्रधानाचार्य को चुनाव वाले राज्यों के संबंध में ईसी की स्थानांतरण नीति से छूट दी गई है।
चुनाव आयोग ने कहा, ‘‘चुनाव के दौरान, बड़ी संख्या में कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के चुनावी कार्यों के लिए तैनात किया जाता है । आयोग का बड़े पैमाने पर तबादलों के माध्यम से राज्य तंत्र में भारी व्यवधान पैदा करने का कोई इरादा नहीं है।’’
उसने कहा, ‘‘इसलिए, स्थानांतरण नीति सामान्यतः संबंधित विभाग के राज्य मुख्यालय में तैनात अधिकारियों और चुनाव संबंधी कर्तव्यों में शामिल सेक्टर अधिकारी/जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त अधिकारियों समेत अधिकारियों की श्रेणियों पर लागू नहीं होती है...।’’
ईसी ने कहा, ‘‘यह निर्देश भी दिया जाता है कि जिन अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ आयोग ने अतीत में अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी और जो लंबित है या जिसके परिणामस्वरूप जुर्माना लगाया गया है, या जिन अधिकारियों पर अतीत में किसी चुनाव या चुनाव संबंधी कार्य में किसी प्रकार की चूक का आरोप लगा है, उन्हें कोई भी चुनाव संबंधी कार्य नहीं सौंपा जाए।’’
निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले अधिकारियों के तबादलों से संबंधित निर्देश जारी करना सामान्य बात है।