मुंबई, अहमदाबाद और पुणे में उमस से रोज़ेदारों की परीक्षा कठिन

Story by  अर्सला खान | Published by  [email protected] | Date 10-02-2026
Heat in Delhi-NCR: What will the weather be like during Ramzan?
Heat in Delhi-NCR: What will the weather be like during Ramzan?

 

अर्सला खान/नई दिल्ली

हर साल की तरह इस बार भी रमज़ान से पहले लोगों के बीच मौसम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खासकर एक बड़ी उम्मीद यह थी कि इस बार रोज़े सर्दी या हल्की ठंड में पड़ेंगे और गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। लेकिन मौसम के मौजूदा रुख को देखकर यही कहा जा सकता है कि यह उम्मीद ज़्यादा देर टिकने वाली नहीं है। आने वाले रमज़ान में रोज़ों के दौरान मौसम ठंडा नहीं, बल्कि सामान्य से थोड़ा गर्म रहने वाला है। यानी जिन लोगों ने सोचा था कि इस बार रोज़े आराम से कटेंगे, उनके लिए यह किसी झटके से कम नहीं है।

मौसम को लेकर जानकारों और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के संकेत साफ़ बताते हैं कि मार्च के साथ ही उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में तापमान बढ़ने लगता है। रमज़ान के शुरुआती दिनों में भले ही सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेंगे, दिन का तापमान रोज़ेदारों की परीक्षा लेने लगेगा। दोपहर के वक्त धूप तेज़ होगी और गर्म हवाएं भी चल सकती हैं।

दिल्ली-NCR में तापमान का हाल

IMD के अनुमान के अनुसार रमज़ान के दिनों में दिल्ली-NCR का अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर जा सकता है। दोपहर के समय हल्की गर्मी महसूस हो सकती है, जिससे रोज़ेदारों को थकान महसूस होना स्वाभाविक है। वहीं न्यूनतम तापमान रात में संतुलित रहता है, जिससे सहरी के वक्त मौसम ज़्यादा मुश्किल नहीं होता।
 
 

अगर दिल्ली-NCR की बात करें तो यहां रमज़ान के शुरुआती दिनों में अधिकतम तापमान 28 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। सुबह-सवेरे सहरी के वक्त हल्की ठंडक मिलेगी, लेकिन दोपहर होते-होते गर्मी साफ़ महसूस होगी। रमज़ान के मध्य और आख़िरी दिनों में तापमान 34 डिग्री तक पहुंचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में रोज़ेदारों को दिन के समय गर्मी और प्यास दोनों से जूझना पड़ेगा।

बाकी स्टेट का हाल-बेहाल?
 
IMD के अनुसार मार्च-अप्रैल के बीच पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण उत्तर भारत में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। रमज़ान के दौरान भी कभी-कभी बादल छाने, हल्की बारिश या तेज़ हवाओं के साथ मौसम बदलने की संभावना रहती है। ऐसी बारिश से तापमान में थोड़ी गिरावट आती है और उमस से राहत मिलती है।
 
 
 
राजस्थान की स्थिति तो और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। जयपुर, जोधपुर और बीकानेर जैसे शहरों में रमज़ान के दौरान दिन का तापमान 35 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है। यहां गर्म हवाएं और सूखापन रोज़ेदारों के लिए अतिरिक्त मुश्किलें पैदा कर सकता है। मध्य प्रदेश में भी भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे शहरों में गर्मी का असर दिखेगा और तापमान 32 से 36 डिग्री के बीच रह सकता है।
 

 

महाराष्ट्र की बात करें तो मुंबई में भले ही समुद्र की वजह से तापमान बहुत ज़्यादा न बढ़े, लेकिन उमस रोज़ेदारों को परेशान कर सकती है। पुणे और नागपुर जैसे शहरों में दिन का तापमान 34-36 डिग्री तक जा सकता है। गुजरात में भी अहमदाबाद और सूरत जैसे शहरों में गर्मी अपने पूरे तेवर दिखा सकती है।

 
हालांकि मौसम विभाग साफ़ करता है कि यह बारिश लंबी नहीं होती, बल्कि कुछ समय के लिए ही असर दिखाती है। इसलिए रोज़ेदारों को गर्मी को ध्यान में रखते हुए अपनी दिनचर्या संभालनी चाहिए।
 
रोज़ेदारों के लिए IMD की सलाह
 
उत्तर प्रदेश में भी मौसम कुछ ऐसा ही रहने वाला है। लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज जैसे शहरों में दिन का तापमान 30 से 35 डिग्री तक जा सकता है। पश्चिमी यूपी में गर्मी का असर ज़्यादा दिख सकता है। बिहार में भी रोज़ों के दौरान तापमान बढ़ता हुआ नजर आएगा। पटना और आसपास के इलाकों में दिन में गर्मी और उमस दोनों परेशान कर सकती हैं।
 
 
दिन में धूप ज़्यादा तेज़ होने पर बेवजह बाहर निकलने से बचने की भी सलाह दी जाती है। अगर बाहर जाना ज़रूरी हो, तो सिर ढककर रखें और हल्के कपड़े पहनें।
 
मौसम पर नज़र रखना ज़रूरी

IMD समय-समय पर मौसम को लेकर अपडेट जारी करता रहता है। रमज़ान के दौरान रोज़ेदारों और आम लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों और पूर्वानुमानों पर ध्यान दें। खासकर तेज़ गर्मी, आंधी या बारिश की सूचना मिलने पर सतर्क रहना ज़रूरी है।
 

 
कुल मिलाकर साफ़ है कि इस बार भी रमज़ान में रोज़ेदारों को गर्मी की मार झेलनी पड़ेगी। जो लोग यह सोचकर खुश थे कि इस बार रोज़े सर्दी में होंगे, उन्हें मौसम की यह हकीकत स्वीकार करनी होगी। ऐसे में ज़रूरी है कि लोग पहले से ही खुद को तैयार रखें। सहरी और इफ्तार में पानी की मात्रा बढ़ाना, हल्का और पौष्टिक खाना लेना और बेवजह धूप में निकलने से बचना बेहद ज़रूरी होगा।यह रमज़ान न सिर्फ़ इबादत का इम्तिहान होगा, बल्कि सब्र और सहनशीलता का भी। मौसम भले ही चुनौती दे, लेकिन सही तैयारी और सावधानी से रोज़ेदार इस दौर को बेहतर तरीके से पार कर सकते हैं।