आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
तमिलनाडु सरकार द्वारा राज्य की वित्तीय स्थिति पर जारी श्वेत पत्र को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता थंगम थेनारासु ने इस दस्तावेज को सरकार की ‘‘प्रशासनिक विफलताओं और अधूरे चुनावी वादों को छिपाने का प्रयास’’ बताया।
तमिलनाडु के वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने मंगलवार को राज्य के वित्त पर एक श्वेत पत्र जारी किया, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाली पिछली द्रमुक सरकार की आलोचना की गई है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए थंगम थेनारासु ने सोशल मीडिया पर कहा कि तमिलनाडु की वित्तीय स्थिति को राज्य बजट प्रस्तुति के दौरान पहले ही स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया जा चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने जनता से ‘‘चमक-दमक वाले वादे’’ कर सत्ता हासिल की, लेकिन प्रशासनिक अक्षमता के कारण उन्हें पूरा नहीं कर पाई।
द्रमुक नेता ने कहा कि सरकार अपने वादों को पूरा करने में असमर्थ है और जनता के गुस्से से बचने के लिए श्वेत पत्र जारी करके ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे ‘‘पूरी तरह फ्लॉप’’ दस्तावेज बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि इस रिपोर्ट पर विस्तृत जवाब जल्द जारी किया जाएगा।