The Dalai Lama reiterated Pope Leo's appeal for peace, urging an end to global conflicts.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
तिब्बती आध्यात्मिक नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता दलाई लामा ने पोप लियो 14वें की ओर से की गई शांति की हालिया अपील का मंगलवार को समर्थन किया।
धर्मशाला से जारी संदेश में दलाई लामा ने इस बात को रेखांकित किया कि “किसी भी आध्यात्मिक परंपरा में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।” उन्होंने सभी धर्मों में व्याप्त करुणा, सहिष्णुता और सद्भाव के साझा मूल्यों पर भी प्रकाश डाला।
सेंट पीटर्स स्क्वायर में पाम संडे धर्म सभा के दौरान पोप की ओर से की गई अपील का समर्थन करते हुए दलाई लामा ने कहा, “हथियार डालने और हिंसा रोकने की अपील ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है, क्योंकि सभी प्रमुख धर्म यही सीख देते हैं।”
दलाई लामा ने कहा, “मैं पोप लियो की ओर से पाम संडे सभा के दौरान की गई शांति की सशक्त अपील का तहे दिल से समर्थन करता हूं।”
उन्होंने कहा, “किसी भी धर्म में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। ईसाई, बौद्ध, इस्लाम, हिंदू और यहूदी सहित सभी प्रमुख धर्म प्रेम, करुणा, सहिष्णुता और आत्म-अनुशासन का समान संदेश साझा करते हैं।”
दलाई लामा ने इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों और रूस-यूक्रेन युद्ध का स्थाई समाधान संवाद, कूटनीति और आपसी सम्मान पर आधारित होना चाहिए-“इस गहरी समझ के साथ कि हम सभी भाई-बहन हैं।”
उन्होंने कहा, “इतिहास ने हमें बार-बार दिखाया है कि हिंसा केवल और अधिक हिंसा को हवा देती है और इसके बल पर कभी स्थाई शांति कायम नहीं की जा सकती।”
दलाई लामा ने वैश्विक एकता का आह्वान करते हुए दुनियाभर के लोगों से शांति की दिशा में काम करने का आग्रह किया। उन्होंने विश्व के विभिन्न हिस्सों में जारी हिंसा और संघर्षों के शीघ्र अंत की कामना की।