न्यायालय ने तमिलनाडु में सरकारी जलाशय का पट्टा रद्द किये जाने के निर्णय को बरकरार रखा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 19-10-2026
The court upheld the cancellation of the lease of a government reservoir in Tamil Nadu.
The court upheld the cancellation of the lease of a government reservoir in Tamil Nadu.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में एक सरकारी जलाशय के रूप में दर्ज जमीन से संबंधित रैयतवारी पट्टे को रद्द किए जाने के फैसले को बरकरार रखा है।

न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की खंडपीठ ने 16 अक्टूबर को दिये अपने फैसले में फ्लैट मालिकों की चिंता का संज्ञान लिया और राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह 20 फ्लैट के मालिकों को उनके अपार्टमेंट ध्वस्त किये जाने से पहले कोई उपयुक्त वैकल्पिक जगह आवंटित करे।
 
रैयतवारी पट्टा एक आधिकारिक राजस्व दस्तावेज और भूमि रिकॉर्ड है, जो किसी व्यक्तिगत किसान (रैयत) को जारी किया जाता है। यह दस्तावेज उसे किसी विशिष्ट भूमि पर खेती करने का अधिकार देता है, जिसके बदले में उसे सीधे सरकार को लगान चुकाना होता है।
 
खंडपीठ के लिए फैसला लिखते हुए न्यायमूर्ति भट्टी ने कहा कि आदेशों और राजस्व रिकॉर्ड की वजह से, फ्लैट मालिकों को यह यकीन हो गया था कि राज्य सरकार की उस जमीन में कोई दिलचस्पी नहीं है।
 
खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा, ‘‘इसलिए, फ्लैट मालिकों की कठिनाइयों और जमीन के मालिक तथा अपार्टमेंट डेवलपर के खिलाफ कानून में उन्हें उपलब्ध स्वतंत्र कानूनी उपायों की पड़ताल किये बिना, फ्लैटों को ध्वस्त करने का आदेश देना उन्हें भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाएगा और निवासियों को सड़क पर ला देगा।’’