The court expressed serious concern over the 'security lapse' in the case of ganja smuggling from Assam to Bihar.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बिहार की राजधानी के बाहरी इलाके में दो नाबालिग लड़कों के बिना पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) वाली कार से असम से बड़ी मात्रा में गांजा लेकर पहुंचने के मामले में पटना उच्च न्यायालय ने “सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक” को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
न्यायमूर्ति अरुण कुमार झा की एकल पीठ ने 15 सितंबर को सुनाए गए फैसले में पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को तीन महीने के भीतर मामले की जांच करने का निर्देश दिया और कहा कि आम लोगों के लिए “चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था” का राज्य का दावा छलावा प्रतीत होता है।
पीठ ने कहा कि असम से भारी मात्रा में गांजा लेकर एक वाहन का बिना किसी बाधा के बिहार पहुंच जाना बेहद चिंताजनक है। उसने कहा कि अगर वाहन में गांजे की जगह विस्फोटक होते, तो आम लोगों की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
पूछताछ के दौरान नाबालिगों से मिली जानकारी के आधार पर कार में बने एक गुप्त खांचे से 109 पैकेट में छिपाकर रखे गए 60 किलोग्राम से अधिक गांजे की बरामदगी हुई।