आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अरुणाचल प्रदेश ने बड़ी और मेगा परियोजनाओं की ओर रणनीतिक बदलाव के तहत 19 गीगावाट जलविद्युत क्षमता जोड़ने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। राज्य के उपमुख्यमंत्री चोवना मीन ने बृहस्पतिवार को विधानसभा को यह जानकारी दी।
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा सदस्य तापी दरांग के एक सवाल का उत्तर देते हुए मीन ने कहा कि राज्य ने इस क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए 2025-2035 को ‘जलविद्युत दशक’ घोषित किया है।
मीन के पास बिजली और जलविद्युत मंत्रालय का प्रभार भी है।
उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में देश की जलविद्युत क्षमता का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा है, जिसकी क्षमता 58,000 मेगावाट है। यह इस राज्य को भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन लक्ष्य में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करता है।
मीन ने कहा, ‘‘ केंद्र सरकार के सहयोग से, राज्य सरकार 12.2 गीगावाट की संयुक्त क्षमता वाली 13 रुकी हुई जलविद्युत परियोजनाओं को पुनर्जीवित कर रही है और उसने 2023 में चार केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसयू) के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।’’