आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
तमिलनाडु विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण के दौरान उस समय अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक महिला मंत्री शुरुआत में अपना निर्वाचन प्रमाण पत्र पेश नहीं कर सकीं और उन्हें इसे लाने के लिए वापस जाना पड़ा। वहीं, एक अन्य विधायक ने भूलवश अपने सहयोगी का दस्तावेज पेश कर दिया, हालांकि चूक का पता चलते ही इसे दुरुस्त कर लिया गया।"
अधिकारियों के अनुसार, शपथ ग्रहण के दौरान अन्नाद्रमुक के एक विधायक पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे जयललिता की तस्वीर देखकर भावुक हो गए और रो पड़े।
उन्होंने बताया कि कुछ घंटे बाद कीर्तना ने अपना प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया और शपथ ली।
विधानसभा की कार्यवाही के सीधे प्रसारण में देखा गया कि जब विधानसभा के प्रधान सचिव के. श्रीनिवासन ने माइक पर कीर्तना का नाम शपथ लेने के लिए पुकारा, तो वह मुख्यमंत्री की कुर्सी के सामने बने मंच की ओर बढ़ीं। विधानसभा की परंपरा के अनुसार, शपथ लेने वाले विधायक प्रोटेम स्पीकर (कार्यवाहक अध्यक्ष) की ओर मुख करके खड़े होते हैं।
जैसे ही कीर्तना मंच के पास पहुंचीं, सचिव श्रीनिवासन ने हाथ उठाकर उनसे निर्वाचन प्रमाणपत्र मांगा। हालांकि, वह प्रमाणपत्र पेश नहीं कर सकीं। श्रीनिवासन को उन्होंने क्या जवाब दिया, यह स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है।
पूरे घटनाक्रम पर पीटीआई-भाषा से बात करते हुए एक अधिकारी ने कहा, "ऐसा लगता है कि उनके पास उस समय निर्वाचन प्रमाणपत्र नहीं था। प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर पाने के कारण, वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें शपथ लेने की अनुमति देने से विनम्रतापूर्वक इनकार कर दिया। अब वह निर्वाचन प्रमाणपत्र जमा करने के बाद किसी भी समय शपथ ले सकती हैं।"
बाद में, कीर्तना प्रमाण पत्र सदन में लेकर आई और उसे अधिकारी को सौंप दिया तथा ईश्वर के नाम पर शपथ ली।
अधिकारी ने बताया कि सभी विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे अपना प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से साथ लाएं। सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए भी यह बात साफ कर दी थी।