आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने आरोप लगाया है कि केंद्र ने पुडुचेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा देने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है, जबकि केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा ने इस तरह के कदम के लिए 14 बार प्रस्ताव पारित किए हैं।
यहां एक रैली को संबोधित करते हुए और नौ अप्रैल को होने वाले चुनावों के लिए कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) के उम्मीदवारों का औपचारिक परिचय कराते हुए स्टालिन ने आरोप लगाया कि "सब कुछ" उपराज्यपाल के पास है जबकि मुख्यमंत्री एन रंगासामी को "कठपुतली मुख्यमंत्री" बनाकर रखा गया है।
उन्होंने सोमवार को कहा, "नौ अप्रैल को होने वाले आगामी चुनाव लोगों के लिए पुडुचेरी में मौजूदा समस्याओं को खत्म करने का एक उत्कृष्ट अवसर है।।"
स्टालिन ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान वादा किया था कि पुडुचेरी "सर्वश्रेष्ठ पुडुचेरी" बनेगा।
उन्होंने कहा कि असलियत तो यह है कि लोग अभी पुडुचेरी की सबसे बुरी हालत देख रहे हैं।
उन्होंने सरकार की कथित नाकामियों की मिसालें दीं, जिनमें नकली दवा बनाने वाली इकाई की जांच में बाधा डालना और घटिया दवाइयों की खरीद शामिल है।
उन्होंने सवाल किया, "क्या ये घटनाएं गृह मंत्री अमित शाह द्वारा प्रचारित तथाकथित 'दोहरे इंजन वाली सरकार' का सबूत हैं?"
द्रमुक नेता ने केंद्र शासित प्रदेश में कानून व्यवस्था और बढ़ते मादक पदार्थों के खतरे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "ऐसी समस्याओं के बीच प्रधानमंत्री पुडुचेरी में रोड शो कैसे कर सकते हैं? क्या यह शर्मनाक नहीं है?"