उच्चतम न्यायालय ने बलात्कार मामले में कनाडाई नागरिक को अग्रिम जमानत दी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-05-2026
Supreme Court grants anticipatory bail to Canadian national in rape case
Supreme Court grants anticipatory bail to Canadian national in rape case

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
उच्चतम न्यायालय ने बलात्कार के एक मामले में आरोपी कनाडाई नागरिक को अग्रिम जमानत देते हुए कहा कि अपुष्ट आरोपों के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि उसे नैतिक रूप से दोषी ठहराया जाए।

न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने कनाडा के नागरिक मनप्रीत सिंह गिल को राहत प्रदान की, जिसे एक महिला की शिकायत पर पंजाब पुलिस ने बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया था।
 
पुलिस ने 11 नवंबर 2025 को महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया। महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने अपनी वैवाहिक स्थिति को लेकर उसे गुमराह किया और उससे संबंध बनाए।
 
महिला ने आरोप लगाया कि गिल ने उसे गंभीर परिणामों की धमकी दी और नौ और 10 नवंबर, 2025 की दरम्यानी रात को शराब पिलाने और उसे डराने-धमकाने के बाद उसके साथ यौन संबंध बनाए।
 
गिल ने वकील सना रईस खान के माध्यम से पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी जिसमें उसे अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया गया था। गिल ने दलील दी थी यह संबंध आपसी सहमति से बने थे।
 
पीठ ने 20 अप्रैल के एक आदेश में कहा कि अदालत ने पूर्व में गिल को अंतरिम राहत प्रदान की थी जिसके तहत वह जांच अधिकारी (आईओ) के समक्ष पेश हुआ था।
 
अदालत ने कहा, ‘‘शिकायतकर्ता के अनुसार भी दोनों पक्षों के बीच संबंध आपसी सहमति से बने थे। जैसा कि आरोप लगाया गया है, क्या कोई धमकी दी गई थी, यह साक्ष्य का विषय है। अपुष्ट आरोपों के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि अपीलकर्ता को नैतिक रूप से दोषी ठहराया जाना चाहिए। इसलिए, हमारा मानना ​​है कि अपीलकर्ता को अग्रिम जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए।’’