Supreme Court asks court to decide on plea for acquisition of helipad in Uttarakhand
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय से कहा कि वह विमानन कंपनी डेक्कन चार्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के गोविंद घाट स्थित निजी हैलीपैड का राज्य सरकार द्वारा बार-बार अस्थायी अधिग्रहण किये जाने के खिलाफ दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर शीघ्रता से फैसला ले।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने नैनीताल स्थित उच्च न्यायालय के महापंजीयक को मुख्य न्यायाधीश से निर्देश लेकर विमानन कंपनी की दो लंबित याचिकाओं को नौ मार्च, 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में वहां की एक पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने के लिए कहा।
पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय की जो भी पीठ याचिकाओं पर सुनवाई करेगी, वह दो महीने के भीतर याचिकाओं पर निर्णय सुनाए।
उसने राज्य में आगामी ‘चार धाम यात्रा’ को ध्यान में रखते हुए कहा कि यदि निर्धारित अवधि में याचिकाओं का निपटारा नहीं होता है तो विमानन कंपनी याचिका को फिर से दायर करने के लिए शीर्ष अदालत का रुख कर सकती है।
डेक्कन चार्टर्स प्राइवेट लिमिटेड ने वकील स्मरहर सिंह के माध्यम से दायर अपनी याचिका में दावा किया है कि राज्य सरकार द्वारा उसके निजी हेलीपैड को बार-बार अपने कब्जे में लेना ‘‘अवैध, अनियंत्रित और असंवैधानिक कदम’’ है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार ने उचित प्रक्रिया को दरकिनार कर हेलीपैड प्रतिस्पर्धी कंपनी पवन हंस लिमिटेड को सौंप दिया और उच्च न्यायालय ने कथित तौर पर कई अनुरोध के बावजूद मामले का निपटारा नहीं किया। डेक्कन चार्टर्स 2011 से श्री हेमकुंड साहिबजी यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर शटल सेवाएं संचालित करता रहा है।