Strengthening of submarine cable system crucial for AI, digital landscape: TRAI Chairman
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने मंगलवार को कहा कि समुद्री केबल प्रणाली प्राकृतिक आपदाओं, भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती डेटा मांग जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है जिनसे निपटने के लिए तकनीकी नवाचार, परिचालन मजबूती और नीतिगत समाधान के समन्वित दृष्टिकोण की जरूरत है।
लाहोटी ने यहां ब्रॉडकास्ट इंडिया फोरम की तरफ से आयोजित एक सम्मेलन में कहा कि समुद्र-तल में बिछाई जाने वाली केबल प्रणाली आज के कृत्रिम मेधा (एआई) युग में डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
उन्होंने सुझाव दिया कि बेहतर मार्ग नियोजन, कम जोखिम वाले क्षेत्रों में केबल बिछाना, वास्तविक समय में निगरानी की व्यवस्था और वैकल्पिक मार्ग विकसित करने से भौतिक क्षति और सेवा बाधित होने का असर कम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मजबूत नियामकीय ढांचा सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए आवश्यक है। भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती डेटा खपत के कारण क्षमता में सुधार ऑपरेटरों के लिए निरंतर चिंता का विषय बना हुआ है।’’
इसी तरह, क्लाउड अवसंरचना के सामने डेटा सुरक्षा, निजता, सेवा बाधा, परिचालन लागत, ऊर्जा खपत और पर्यावरणीय प्रभाव जैसी चुनौतियां हैं। लाहोटी ने कहा कि मजबूत साइबर सुरक्षा उपाय और खतरे पर लगातार निगरानी रखना जरूरी है।