आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने छत्रपति शिवाजी महाराज पर लिखी एक पुस्तक को लेकर प्रकाशक के खिलाफ की गई अपनी अभद्र टिप्पणी पर खेद व्यक्त किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पुस्तक में मराठा सम्राट को सम्मानपूर्वक संबोधित किया जाना चाहिए।
गायकवाड़ उस समय विवादों में घिर गए जब सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई जिसमें उन्हें कोल्हापुर के प्रकाशक प्रशांत आंबी के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते और धमकी देते हुए सुना जा सकता है।
वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता गोविंद पानसरे द्वारा लिखित और मूल रूप से 1988 में प्रकाशित पुस्तक ‘शिवाजी कोण होता’ का जिक्र कर रहे थे।
बुलढाणा से विधायक ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि उन्होंने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था कि मराठा सम्राट के नाम पर नामित सभी संस्थानों का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज कर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रकाशक के खिलाफ मैंने जो भी आपत्तिजनक टिप्पणी की, उसके लिए मैं खेद व्यक्त करता हूं।’’
विधायक ने दावा किया कि पुस्तक में कुछ जगहों पर शिवाजी को ‘‘अपमानजनक’’ तरीके से संबोधित किया गया है।
गायकवाड़ ने कहा, ‘‘मुझे किताब से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन जिसने भी इसे प्रकाशित किया है उसे छत्रपति शिवाजी महाराज को आदरपूर्वक संबोधित करना चाहिए।’’
उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि क्लिप में आवाज उनकी ही है लेकिन उन्होंने दावा किया कि ‘‘क्लिप से छेड़छाड़ कर बातचीत को तोड़-मरोड़कर’’ पेश किया गया है।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार को कहा कि शिवसेना विधायक की आंबी के खिला