SEBI का वैकल्पिक निवेश योजनाओं की मंजूरी तेज करने के लिए नई व्यवस्था का प्रस्ताव

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-05-2026
SEBI proposes new mechanism to expedite approval
SEBI proposes new mechanism to expedite approval

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 बाजार नियामक सेबी ने सोमवार को वैकल्पिक निवेश कोषों (एआईएफ) के लिए एक नई ग्रीन-चैनल व्यवस्था... ‘गरुड़’ का प्रस्ताव किया। इसके तहत एआईएफ अपने नियोजन ज्ञापन दाखिल करने के 30 दिन के बजाय 10 कार्य दिवस के भीतर योजनाएं शुरू कर सकेंगे। इससे पूंजी के उपयोग में तेजी आएगी।
 
‘गरुड़ यानी ग्रीन-चैनल: दस्तावेज स्वीकृति के बाद एआईएफ योजना का क्रियान्वयन’ का उद्देश्य सेबी के पास दाखिल किए गए नियोजन ज्ञापन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और एआईएफ द्वारा धन जुटाने को और आसान बनाना है।
 
प्रस्ताव के तहत, नियामक की आपत्तियों को छोड़कर, नियमित एआईएफ योजनाओं को मर्चेंट बैंकर के माध्यम से सेबी के पास नियोजन ज्ञापन प्रसंस्करण (पीपीएम) के लिए आवेदन दाखिल करने के 10 कार्य दिवस के भीतर शुरू करने की अनुमति होगी।
 
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने परामर्श पत्र में कहा है कि वर्तमान में, एआईएफ योजनाएं दाखिल करने के 30 दिन के बाद ही शुरू कर सकते हैं।
 
किसी एआईएफ की पहली योजना पंजीकरण मिलने की तारीख से या आवेदन दाखिल करने के 10 कार्य दिवस के बाद, जो भी बाद में हो, शुरू करने की अनुमति होगी।
 
सेबी ने कहा कि एआईएफ की तीव्र वृद्धि और योजनाओं के पंजीकरण की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह कदम वैकल्पिक निवेश कोष के पूंजी के त्वरित और कुशल उपयोग को और अधिक सक्षम बनाएगा।
 
नियामक ने कहा कि पंजीकृत एआईएफ की संख्या पांच साल पहले 732 थी जो 31 मार्च, 2026 तक बढ़कर 1,849 हो गई है।