Sanitation workers’ strike ahead of Diwali leaves Bhopal markets, roads piled up with garbage
भोपाल (मध्य प्रदेश)
मध्य प्रदेश में सफाई कर्मचारी बुधवार को अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए। इसके चलते दिवाली से ठीक पहले शहर के कई बाजारों और सड़कों पर कचरे के ढेर लग गए हैं। इस हड़ताल की वजह से भोपाल में नियमित सफाई व्यवस्था ठप हो गई है। बता दें कि भोपाल देश की सबसे साफ राज्य राजधानियों में से एक माना जाता है। न्यू मार्केट समेत कई प्रमुख व्यावसायिक इलाकों से कचरा नहीं उठाया गया, जिससे व्यापारियों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अपनी दो मुख्य मांगों को मनवाने के लिए सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को भोपाल में प्रदर्शन भी किया था। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की मांग है कि संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित किया जाए और 29 दिन के अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारियों को 25,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। एक दुकानदार ने बताया, "कल रात से कोई भी सफाई कर्मचारी नहीं आया है, जिसकी वजह से पूरे बाजार में कचरा जमा हो गया है। यहां सुबह और रात दोनों समय सफाई होनी चाहिए। मेरी दुकान के सामने कचरे का ढेर लग गया था, जिसे मुझे खुद हटाना पड़ा। आप बाजार की हालत देख सकते हैं; अभी तक कोई भी सफाई कर्मचारी नहीं आया है।"
एक अन्य दुकानदार, राशि ने भी खराब साफ-सफाई को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में बाजार में झाड़ू तक नहीं लगाई गई है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर न्यू मार्केट में हर रात सफाई और धुलाई होती है, लेकिन सफाई कर्मचारियों के न आने से पूरा इलाका गंदा हो गया है। राशि ने कहा, "मैं यहां अपना कुछ सामान व्यवस्थित करने आई थी, लेकिन पूरा बाजार बहुत गंदा है। यहां अभी तक झाड़ू तक नहीं लगी है। यह न्यू मार्केट है, और इसकी हालत देखिए—खासकर तब, जब त्योहारों का सीजन चल रहा है। पहले हर रात यहां सफाई और धुलाई होती थी, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। हर तरफ इतनी गंदगी है कि समझ नहीं आ रहा कि कारोबार कैसे चलेगा और ग्राहक कैसे आएंगे।"
इस बीच, 'अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस' के भोपाल जिला अध्यक्ष अनिल सरवान ने कहा कि जब तक सफाई कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। सरवन ने कहा, "भोपाल में हमारी दो मुख्य मांगें हैं: संविदा पर काम कर रहे सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाए, और 29 दिन की व्यवस्था के तहत काम करने वालों को 25,000 रुपये का मासिक वेतन दिया जाए। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक काम पूरी तरह से बंद रहेगा। अगर सरकार आज हमारी मांगें नहीं मानती है, तो यह हड़ताल कल और आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी। भोपाल में पूरी सफाई व्यवस्था ठप हो गई है; सड़कों पर न तो कचरा उठाने वाली गाड़ियां दिख रही हैं और न ही सफाई कर्मचारी।"
उन्होंने आगे बताया कि सरकार ने 2017 में कर्मचारियों को नियमित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन लगभग 10 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें स्थायी रोजगार का कोई लाभ नहीं मिला है। वेतन में मामूली बढ़ोतरी के अलावा, उन्हें कोई अन्य सुविधा या लाभ नहीं मिलता है। उन्होंने कहा, "हमें इस तरह के अस्थायी आश्वासनों की जरूरत नहीं है। हमारी मांग है कि कर्मचारियों को नियमित किया जाए, या फिर 29 दिन की व्यवस्था के तहत काम करने वालों को 25,000 रुपये का मासिक वेतन दिया जाए।"
यह हड़ताल सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं है; पूरे मध्य प्रदेश के सफाई कर्मचारी भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मान लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।