आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के चंदौसी की एक अदालत ने शाही जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर विवाद पर सुनवाई के लिए मंगलवार को 24 मार्च की तारीख तय की।
मामला सिविल जज (सीनियर डिवीजन) आदित्य सिंह के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था।
शाही जामा मस्जिद के वकील शकील अहमद वारसी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस मामले में आज सुनवाई होनी थी, लेकिन बताया गया कि उच्चतम न्यायालय में स्थगनादेश के कारण सुनवाई टल गई है, और अब मामले में 24 मार्च को सुनवाई होगीं।
मुस्लिम पक्ष ने मामले की स्थिरता को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी है, लेकिन 19 मई को उच्च न्यायालय ने अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण की अनुमति देने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा और मामले को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
पत्रकारों से बातचीत में हिंदू पक्ष के अधिवक्ता गोपाल शर्मा ने कहा कि चूंकि इस मामले में उच्चतम न्यायालय से स्थगन आदेश है, इसलिए सुनवाइ्र अदालात कोई आदेश जारी नहीं कर सकता, जिसके कारण अगली तारीख दी गयी है।
यह विवाद पिछले साल 19 नवंबर का है, जब अधिवक्ता हरि शंकर जैन और विष्णु शंकर जैन सहित हिंदू याचिकाकर्ताओं ने संभल जिला अदालत में एक मुकदमा दायर किया था, जिसमें दावा किया गया था कि मस्जिद पहले से मौजूद मंदिर के ऊपर बनाई गई थी।
अदालत के आदेश पर उसी दिन (19 नवंबर) सर्वेक्षण किया गया, उसके बाद 24 नवंबर को दूसरा सर्वेक्षण किया गया। 24 नवंबर को दूसरे सर्वेक्षण के कारण संभल में काफी अशांति फैल गई, जिसके परिणामस्वरूप चार लोगों की मौत हो गई और 29 पुलिस कर्मी घायल हो गए।
पुलिस ने हिंसा के संबंध में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और मस्जिद समिति के प्रमुख जफर अली के अलावा 2,750 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।