आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 20 पैसे टूटकर 93.73 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ बातचीत जारी होने के संकेत देने के बावजूद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहीं।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि विदेशी पूंजी की भारी निकासी से स्थानीय मुद्रा पर और दबाव पड़ा जबकि घरेलू शेयर बाजारों में मजबूत शुरुआत ने तेज गिरावट को कुछ हद तक कम कर दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, डॉलर के मुकाबले 93.66 पर खुला। हालांकि बाद में टूटकर 93.73 प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 20 पैसे की गिरावट दर्शाता है।
रुपया सोमवार को 94 के स्तर को लांघ गया था। हालांकि अंत में संभलता हुआ 93.53 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.36 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में वापसी की। सेंसेक्स 829.40 अंक या 1.14 प्रतिशत चढ़कर 73,525.79 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 234.65 अंक या 1.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,747.30 अंक पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 3.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 103.9 डॉलर प्रति बैरल रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिवकाल रहे थे और उन्होंने 10,414.23 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
गौरतलब है कि ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका एक ‘‘सम्मानित’’ ईरानी नेता से बातचीत कर रहा है और दावा किया कि इस्लामिक गणराज्य युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।