आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राजेश एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन राजेश मेहता ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के निवेश निर्णयों से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा कि स्थिति चाहे जो भी हो, आम खुदरा शेयरधारकों को लाभ ही होगा। कंपनी पर नियामकीय दबाव और समस्याओं में घिरी स्वर्ण आभूषण कंपनी में एलआईसी के निवेश को लेकर चिंताओं के बीच उन्होंने यह बात कही।
मेहता ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, ‘‘एलआईसी ने ये शेयर कल या पिछले साल नहीं खरीदे हैं। एलआईसी की ये खरीदारी लगभग 20 वर्षों की अवधि में हुई है। एलआईसी ने ये शेयर खुले बाजार से, शेयर बाजार से खरीदे हैं।’’
वर्तमान में, एलआईसी की राजेश एक्सपोर्ट्स में 10.80 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
मेहता ने स्पष्ट रूप से कहा कि एलआईसी द्वारा शेयरों के अधिग्रहण में न तो उनकी और न ही अन्य प्रवर्तकों की कोई भूमिका थी।
उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी प्रवर्तक ने कभी भी अपने शेयर एलआईसी को नहीं बेचे हैं। कंपनी ने कभी भी एलआईसी को कोई शेयर जारी नहीं किए हैं। एलआईसी द्वारा शेयरों की खरीद से कंपनी या प्रवर्तकों को किसी भी तरह का लाभ नहीं हुआ है।’’
मेहता ने कहा कि कंपनी का एलआईसी के निवेश निर्णयों से कोई संबंध नहीं है और न ही उसे इसकी कोई जानकारी है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें तो यह भी नहीं पता कि एलआईसी का कार्यालय कहां है। हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं है, कोई संबंध नहीं है। द्वितीयक बाजार के माध्यम से शेयर खरीदने का यह निर्णय उनका अपना सूझ-बूझ से लिया गया व्यावसायिक निर्णय है।’’
राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर में भारी गिरावट के बावजूद, मेहता ने अपने आकलन के आधार पर भरोसा जताया कि एलआईसी को अभी तक नुकसान नहीं हुआ है।
राजेश एक्सपोर्ट्स लि. के शेयर तीन जून से 14 प्रतिशत से अधिक टूट चुके हैं। सोमवार को यह 94.50 रुपये के नए निचले स्तर पर पहुंच गया
उन्होंने कहा, ‘‘आज भी, इस गिरावट के बावजूद मेरी समझ के अनुसार, एलआईसी को अभी तक नुकसान नहीं हुआ है...।’’