दिल्ली इमारत हादसा : अदालत ने न्यायाधीश के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने का निर्देश दिया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-06-2026
Delhi building collapse: Court directs removal of social media posts against judge
Delhi building collapse: Court directs removal of social media posts against judge

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को सोशल मीडिया मंचों को निर्देश दिया कि वे पिछले महीने सैद-उल-अजैब में बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना के संबंध में मौजूदा न्यायाधीश को निशाना बनाने वाली कथित अपमानजनक सामग्री को हटायें।

न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा और न्यायमूर्ति मधु जैन की अवकाशकालीन पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, “सब कुछ तुरंत हटायें।”
 
एसोसिएशन ने ‘अपमानजनक’ वीडियो अपलोड करने वाले डॉ. कपिल काकर के खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​की कार्रवाई का अनुरोध किया था। काकर ने इस घटना के लिए उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश को जिम्मेदार ठहराया था।
 
इमरात ढहने की घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी।
 
एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने बताया कि काकर ने सोशल मीडिया मंचों पर वीडियो अपलोड किए थे, जिनमें न्यायाधीश के खिलाफ अपमानजनक आरोप लगाए गये थे।
 
वीडियो में आरोप लगाया गया था कि न्यायाधीश ने इससे पहले इमारत में अवैध निर्माण से संबंधित एक मामले की सुनवाई की थी।
 
पीठ ने कहा कि यह ‘कोई मामूली बात नहीं है’।
 
अदालत ने सवाल किया कि सोशल मीडिया मंच ने खुद वीडियो क्यों नहीं हटाए।
 
इसने सोशल मीडिया मंच से पूछा, “कुछ तो जिम्मेदारी होनी चाहिए। जब ​​आपको इतनी बेतुकी बात पता चलती है, तो आप उन्हें क्यों नहीं हटाते? जब यह आपके संज्ञान में आता है, तो आप खुद क्यों नहीं हटा सकते?”
 
अदालत ने कहा, “यह (कोई) एक मामला नहीं है। ऐसा रोज हो रहा है।’’
 
‘मेटा’, ‘गूगल’ और ‘लिंक्डइन’ की ओर से पेश हुए वकीलों ने अदालत को आश्वासन दिया कि निर्देशों के अनुसार वीडियो हटा दिए जाएंगे।