Renowned psychiatrist Dr. Anand Nadkarni passes away
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रख्यात मनोचिकित्सक, लेखक एवं समाजसेवी डॉ. आनंद नाडकर्णी का शुक्रवार सुबह लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 67 वर्ष के थे।
डॉ. नाडकर्णी द्वारा स्थापित ‘इंस्टीट्यूट फॉर साइकोलॉजिकल हेल्थ’ (आईपीएच) की ओर से यह जानकारी दी गई। वह मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती थे।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया और उन्हें बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी बताया।
महाराष्ट्र के जलगांव जिले में जन्मे डॉ. नाडकर्णी ने अपना पूरा जीवन चिकित्सा विज्ञान और समाजसेवा के बीच की खाई पाटने में लगा दिया। उन्होंने 1990 में ठाणे में गैर-लाभकारी संस्था आईपीएच की नींव रखी, जहां आज 70 से अधिक मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ कार्यरत हैं।
सूत्रों ने बताया कि वह पुणे स्थित मुक्तांगण पुनर्वास केंद्र के संस्थापक और न्यासी रहे।
उन्होंने बताया कि डॉ. नाडकर्णी ने मराठी भाषा में 17 किताबें लिखीं, जिनमें से कई का अनुवाद अंग्रेजी और ब्रेल में भी हो चुका है। सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र शिक्षा बोर्ड ने उनकी रचनाओं को 9वीं कक्षा की मराठी पाठ्यपुस्तक में शामिल किया है।
आईपीएच ने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘देवराई’ और राज्य पुरस्कार प्राप्त ‘कदाचित’ में वह परामर्शदाता की भूमिका में भी जुड़े रहे।
उनके एक सहयोगी ने कहा, ‘‘डॉ. नाडकर्णी ने मानसिक स्वास्थ्य जैसे अहम विषय को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया। हिंदू दर्शन और इतिहास पर व्याख्यान हों या विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक एल्बम - उनका बहुआयामी नजरिया बेमिसाल था।’’
उनके परिवार में पत्नी और पुत्र हैं। उनका अंतिम संस्कार ठाणे में दोपहर को किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने नाडकर्णी के निधन को ‘‘बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाला’’ बताया।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘अपार ऊर्जा और हंसमुख स्वभाव के धनी डॉ. नाडकर्णी ठाणे के चहेते थे। साढ़े तीन दशकों तक उन्होंने मनोचिकित्सा के क्षेत्र में अथक परिश्रम किया।’’