भाई-भतीजावाद विवाद से बचने के लिए रिश्तेदार ने इस्तीफा दिया: मंत्री जोसेफ

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-06-2026
Relative resigned to avoid nepotism controversy: Minister Joseph
Relative resigned to avoid nepotism controversy: Minister Joseph

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
केरल के बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने सोमवार को कहा कि विपक्ष द्वारा भाई-भतीजावाद का आरोप लगाए जाने के बाद विवाद से बचने के लिए उनके रिश्तेदार ने उनके अतिरिक्त निजी सचिव के पद से इस्तीफा दे दिया।
 
संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के सत्ता में आने के बाद जोसेफ के रिश्तेदार एवं कांग्रेस नेता बेनी थॉमस को उनका अतिरिक्त निजी सचिव नियुक्त किया गया था।
 
विपक्ष की आलोचना के बाद थॉमस ने रविवार को मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
 
जोसेफ ने कन्नूर में पत्रकारों से बातचीत में थॉमस के इस्तीफे की पुष्टि की।
 
जोसेफ ने कहा कि आरोपों के सामने आने के बाद उन्होंने नियुक्ति के कानूनी पहलुओं की जांच की और पाया कि मंत्रियों के निजी कर्मचारियों में नियुक्तियों के लिए कोई विशिष्ट मानदंड नहीं हैं।
 
उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक दृष्टिकोण से देखें तो बेनी थॉमस के पैतृक स्थान कन्नूर के उल्लिकल में लोगों के बीच उनकी प्रतिष्ठा है। कन्नूर में मेरे सहयोगियों ने सुझाव दिया था कि उन्हें निजी कर्मचारी में बनाए रखा जाए और मैंने भी इस विचार का समर्थन किया।’’
 
उन्होंने बताया कि केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) की बैठक के दौरान एक नेता ने नियुक्ति पर चिंता जताई थी लेकिन बाद में उन्होंने अपनी आपत्ति वापस ले ली। जोसेफ ने कहा, ‘‘किसी और ने कोई मुद्दा नहीं उठाया।’’
 
मंत्री के अनुसार, उन्हें मिले समर्थन के बावजूद थॉमस ने नियुक्ति से जुड़े विवाद के कारण इस्तीफा देना चुना।
 
जोसेफ ने कहा, ‘‘मुझे उनके जैसे किसी व्यक्ति की आवश्यकता थी क्योंकि मैं बिजली और पर्यावरण सहित कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाल रहा हूं। मुझे एक ऐसे भरोसेमंद व्यक्ति की जरूरत थी जिसे मैं अच्छी तरह जानता हूं और जो काम में मेरी सहायता कर सके। जब यह मुद्दा विवादित हो गया तो उन्होंने पहल करते हुए इस्तीफा दे दिया।’’
 
यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने थॉमस से इस्तीफा मांगा था, तो केपीसीसी अध्यक्ष जोसेफ ने कोई जवाब नहीं दिया।
 
वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के सत्ता में रहने के दौरान यूडीएफ ने मंत्रियों के निजी कर्मचारियों में रिश्तेदारों की नियुक्ति की अक्सर आलोचना की थी।
 
सरकार परिवर्तन के बाद एलडीएफ ने जोसेफ के निजी कर्मचारियों में थॉमस की नियुक्ति को लेकर यूडीएफ की आलोचना की थी।