" /> "/>
आवाज द वॉयस/ नई दिल्ली
फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी, ज़ोमैटो और मैजिकपिन ने गुरुवार (1 जनवरी, 2026) को बताया कि नए साल की पूर्व संध्या पर उनके प्लेटफॉर्म्स पर ऑर्डर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई, जब गिग वर्कर्स के एक वर्ग ने बेहतर वेतन और कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर हड़ताल की थी। कंपनियों का कहना है कि इस हड़ताल का उनके संचालन पर लगभग कोई असर नहीं पड़ा।
गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) के अनुसार, 22 शहरों से एक लाख से अधिक गिग वर्कर्स हड़ताल में शामिल हुए थे। इनमें दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों से करीब 14,000 सदस्य शामिल थे। हालांकि, अनुमान बताते हैं कि भारत में कुल गिग वर्कर्स की संख्या 1.27 करोड़ से अधिक है। नीति आयोग के मुताबिक, 2029-30 तक यह संख्या बढ़कर 2.35 करोड़ तक पहुंच सकती है।
भारत के तीसरे सबसे बड़े फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म मैजिकपिन ने कहा कि नए साल की पूर्व संध्या पर मेट्रो शहरों में हर घंटे लाखों ऑर्डर प्राप्त हुए। वहीं, ज़ोमैटो के संस्थापक दीपेंद्र गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि ज़ोमैटो और ब्लिंकिट ने उस दिन अब तक की सबसे तेज़ डिलीवरी की।
उन्होंने लिखा कि हड़ताल की अपीलों का उनके कारोबार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से कुछ शरारती तत्वों पर काबू पाया गया, जिससे 4.5 लाख से अधिक डिलीवरी पार्टनर्स दिन भर में 63 लाख से ज्यादा ग्राहकों तक 75 लाख से अधिक ऑर्डर पहुंचाने में सफल रहे, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
मैजिकपिन के फाउंडर और सीईओ अंशु शर्मा ने भी कहा कि कंपनी के संचालन पर हड़ताल का कोई असर नहीं दिखा। उन्होंने बताया कि नए साल की शाम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीयों के जश्न में फूड डिलीवरी एक अहम भूमिका निभा रही है।
स्विगी और मैजिकपिन के आंकड़ों के अनुसार, नए साल की पूर्व संध्या पर लोगों ने बिरयानी, पिज़्ज़ा, बटर चिकन और गाजर के हलवे जैसे पारंपरिक डेज़र्ट का खूब आनंद लिया। मैजिकपिन पर पिज़्ज़ा सबसे ज़्यादा ऑर्डर किया गया आइटम रहा, जबकि गाजर के हलवे और आइसक्रीम जैसे डेज़र्ट के ऑर्डर में पिछले साल की तुलना में तीन गुना बढ़ोतरी देखी गई।
डिनर ऑर्डर का पीक समय रात करीब 9:30 बजे रहा। दिल्ली-एनसीआर में बटर चिकन सबसे ज़्यादा ऑर्डर किया गया मेन कोर्स था, इसके बाद बिरयानी और दाल मखनी का स्थान रहा।
स्विगी ने बताया कि शाम 7:30 बजे से पहले ही बिरयानी के 2.19 लाख ऑर्डर पूरे हो चुके थे। रात 8:30 बजे तक 2.18 लाख पिज़्ज़ा और 2.16 लाख बर्गर डिलीवर किए गए, जिससे पिज़्ज़ा और बर्गर के बीच की लोकप्रियता की पुरानी प्रतिस्पर्धा एक बार फिर देखने को मिली।
इसके अलावा, स्विगी डाइनआउट पर भी नए साल की शाम को बाहर खाने के लिए भारी संख्या में बुकिंग हुई। बेंगलुरु और हैदराबाद इस मामले में सबसे आगे रहे। ग्रोथ के मामले में अहमदाबाद ने 1.6 गुना बढ़ोतरी के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि लखनऊ (1.3 गुना) और जयपुर (1.2 गुना) उसके बाद रहे।
दीपेंद्र गोयल ने स्थानीय प्रशासन, अपनी ज़मीनी टीमों और उन डिलीवरी पार्टनर्स का आभार जताया, जिन्होंने मुश्किल हालात के बावजूद काम करना जारी रखा। उन्होंने कहा कि गिग इकॉनमी भारत में संगठित रोज़गार के सबसे बड़े स्रोतों में से एक बनती जा रही है और आने वाले वर्षों में इसका सामाजिक और आर्थिक प्रभाव और भी गहरा होगा।