नई दिल्ली
दुनिया भर में रूहानियत और इबादत के माहौल के बीच पाक महीना रमज़ान शुरू हो गया है। अरब देशों में बुधवार को चांद दिखने के बाद रमज़ान की शुरुआत हो गई, जबकि भारत सहित कई अन्य देशों में गुरुवार से रोज़े रखे गए।
इस्लाम की तीन सबसे पवित्र मस्जिदों — मस्जिद अल-हरम (मक्का), अल-मस्जिद अन-नबवी (मदीना) और अल-अक्सा मस्जिद (यरुशलम) — समेत दुनिया के हर कोने की मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज़ शुरू हो चुकी है। कई अरब देशों में रमज़ान बुधवार से शुरू हुआ, जबकि भारत, तुर्की, ओमान, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में गुरुवार से रोज़े रखे गए।
भारत में चांद दिखने के बाद हुआ ऐलान
भारत के कई हिस्सों से चांद दिखने की खबरें सामने आईं। धार्मिक पुष्टि और गवाहियों की जांच के बाद उलेमा और इस्लामी विद्वानों ने रमज़ान शुरू होने की आधिकारिक घोषणा की। दिल्ली-एनसीआर में मौसम बादलों से घिरा होने के कारण चांद दिखना मुश्किल था, लेकिन बिहार और असम से चांद दिखने की खबरें मिलीं। इसके बाद फैसला लिया गया कि पहला रोज़ा गुरुवार, 19 फरवरी को रखा जाएगा।
इमारत-ए-शरिया, फुलवारी शरीफ (पटना) के काज़ी रिज़वान नदवी ने बताया कि कई जगहों से भरोसेमंद रिपोर्ट मिलीं, जिन्हें सत्यापन के बाद स्वीकार किया गया। आधिकारिक बयान के अनुसार रांची, लोहरदगा, दरभंगा, गया समेत कई क्षेत्रों में चांद दिखा। वहीं इदारा-ए-शरिया औरंगाबाद और मिल्ली काउंसिल बिहार ने भी चांद दिखने की पुष्टि की। काज़ी फैज़ान सरवर मिसबाही ने बताया कि औरंगाबाद (बिहार) में आसमान साफ था, जिससे चांद आसानी से नजर आया।
रमज़ान इस्लामी चंद्र कैलेंडर का नौवां महीना है। कुछ देश स्थानीय चांद देखने के आधार पर रमज़ान की शुरुआत तय करते हैं, जबकि कई देश वैज्ञानिक और खगोलीय गणनाओं पर भरोसा करते हैं।
सऊदी अरब समेत कई देशों में बुधवार से रोज़े
सऊदी अरब में मंगलवार शाम चांद दिखने के बाद बुधवार को रमज़ान का पहला दिन घोषित किया गया। कतर, यूएई, कुवैत, बहरीन, फिलिस्तीन, सूडान, सोमालिया और जिबूती ने भी बुधवार को पहला रोज़ा रखा। इराक के सुन्नी वक्फ बोर्ड और शिया विद्वानों ने भी यही पुष्टि की। यमन के कुछ हिस्सों में भी बुधवार से रमज़ान शुरू हुआ।
मिस्र सहित कई देशों में गुरुवार से शुरुआत
दूसरी ओर मिस्र में मंगलवार शाम चांद न दिखने के कारण गुरुवार को रमज़ान शुरू होने की घोषणा की गई। यह घोषणा ग्रैंड मुफ्ती नज़ीर अय्याद ने की। जॉर्डन, सीरिया, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, ईरान, ट्यूनीशिया, अल्जीरिया और मलेशिया में भी गुरुवार से रोज़े शुरू हुए। वहीं तुर्की, ओमान, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया ने खगोलीय गणनाओं के आधार पर रमज़ान शुरू होने की पुष्टि की।
किंग सलमान का रमज़ान संदेश
सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद ने रमज़ान के मौके पर नागरिकों, निवासियों और दुनिया भर के मुसलमानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने रमज़ान को रहमत और मगफिरत का महीना बताते हुए कहा कि इस दौरान इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने दो पवित्र मस्जिदों और हाजियों की सेवा का अवसर मिलने पर अल्लाह का शुक्र अदा किया और दुनिया में शांति, फिलिस्तीन की भलाई तथा मुस्लिम उम्मत के लिए दुआ की।
हरम और मदीना में पहली तरावीह
मंगलवार रात मस्जिद अल-हरम और अल-मस्जिद अन-नबवी में लाखों लोगों ने ईशा और तरावीह की नमाज़ अदा की। स्थानीय नागरिकों के साथ प्रवासी और उमरा करने आए जायरीन भी इस रूहानी माहौल में शामिल हुए। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुविधा के लिए व्यापक इंतज़ाम किए।
दो पवित्र मस्जिदों के मामलों की जनरल अथॉरिटी ने रमज़ान के लिए विशेष संचालन योजना लागू की है, जिसमें ज़मज़म पानी की व्यवस्था, सफाई, खुशबू, और डिजिटल गाइडेंस स्क्रीन शामिल हैं। विदेशी जायरीन के लिए त्वरित अनुवाद उपकरणों वाली टीमों को भी तैनात किया गया है।
अल-अक्सा में भी पहली तरावीह
यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद में हजारों फिलिस्तीनियों ने मंगलवार शाम पहली तरावीह अदा की। मस्जिद के हॉल और आंगन नमाज़ियों से भर गए। नमाज़ की इमामत शेख यूसुफ अबू स्नेनेह ने की। इस दौरान परिसर में इज़राइली पुलिस की भारी मौजूदगी देखी गई।
इससे पहले ग्रैंड मुफ्ती शेख मुहम्मद हुसैन ने घोषणा की थी कि चांद दिखने की पुष्टि के बाद बुधवार, 18 फरवरी 2026 (1 रमज़ान 1447 हिजरी) से रोज़े शुरू होंगे।
तनाव और पाबंदियों के बीच रमज़ान
तरावीह की नमाज़ ऐसे समय में हुई जब पूर्वी यरुशलम और पुराने शहर के आसपास हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इज़राइली प्रशासन ने सुरक्षा के नाम पर कई तरह की सख्ती बढ़ा दी है। यूरो-मेडिटेरेनियन ह्यूमन राइट्स मॉनिटर के अनुसार रमज़ान से पहले पश्चिमी तट और पूर्वी यरुशलम में पाबंदियां और बढ़ाई गईं, जिससे लोगों को इबादतगाहों तक पहुंचने में मुश्किलें हुईं।
बताया गया है कि 2026 की शुरुआत से अब तक 250 से अधिक फिलिस्तीनियों को अल-अक्सा मस्जिद में प्रवेश से रोका गया। सोमवार को इमाम शेख मुहम्मद अल-अब्बासी को हिरासत में लिया गया और बाद में उन्हें एक सप्ताह के लिए मस्जिद में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाकर रिहा किया गया।
अमेरिका और कनाडा से रमज़ान संदेश
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रमज़ान की शुभकामनाएं देते हुए इसे आत्मिक शुद्धि, चिंतन, कृतज्ञता और परिवार तथा समुदाय के रिश्तों को मजबूत करने का समय बताया। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता को देश की ताकत का आधार बताया और दुनिया में शांति की कामना की।
वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी रमज़ान संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि यह महीना इबादत, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक खुशी का प्रतीक है। उन्होंने इस्लामोफोबिया पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार नफरत के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है और कनाडा में धार्मिक भेदभाव की कोई जगह नहीं है।
रमज़ान का यह पाक महीना दुनिया भर में मुसलमानों के लिए इबादत, सब्र, संयम, इंसानियत और भाईचारे का संदेश लेकर आया है।