Ram Temple Trust meeting today; likely to discuss key vacancies and CEO appointment
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट चढ़ावा चोरी विवाद के बीच नए महासचिव की नियुक्ति, ट्रस्टी के तीन खाली पदों को भरने और मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति पर विचार-विमर्श करने के लिए बुधवार को अयोध्या में दो महत्वपूर्ण बैठकें करेगा।
ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक, दोपहर तीन बजे राम मंदिर परिसर में एक विशेष बैठक होगी, जिसके बाद शाम चार बजे ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास ‘मणिराम छावनी’ में नियमित बैठक होगी।
विशेष बैठक में चंपत राय के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट में तीन रिक्तियों को भरने के अलावा नए महासचिव की नियुक्ति पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। चढ़ावा चोरी मामले में राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे और ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा की मृत्यु के बाद ये पद खाली हो गए थे।
सूत्रों ने कहा कि बैठक में नव गठित सीईओ पद के लिए प्रशासनिक ढांचे पर भी चर्चा होने की संभावना है। दूसरे सत्र में वित्तीय पारदर्शिता पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है, जिसमें चढ़ावे की गिनती, दान को संभालने और ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन की निगरानी को मजबूत करने की व्यवस्था शामिल है।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, वीआईपी, सुगम और आरती पास जारी करने और अन्य प्रशासनिक मामलों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सूत्रों ने बताया कि अधिकांश ट्रस्टी मंगलवार तक अयोध्या पहुंच चुके थे, जबकि कुछ सदस्यों के दिल्ली और लखनऊ से ऑनलाइन माध्यम से भाग लेने की उम्मीद है।
ट्रस्ट ने 18 जुलाई तक सीईओ पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2500 से 5500 आवेदन प्राप्त हुए हैं, हालांकि कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
चयन प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों ने कहा कि प्रतिक्रिया ‘‘जबरदस्त’’ थी, कथित तौर पर कई सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारियों, वरिष्ठ नौकरशाहों और पेशेवरों से आवेदन प्राप्त हुए हैं। ऐसी अटकलें हैं कि ट्रस्ट आवेदन पत्र छांट कर तैयार करने से पहले तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति को बड़ी संख्या में आवेदनों की जांच करने के लिए अतिरिक्त समय दे सकता है।
विशेषज्ञ समिति को आवेदनों का मूल्यांकन करने और उपयुक्त उम्मीदवारों की सिफारिश करने का काम सौंपा गया है। इस समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और एनआईटी, रायपुर के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं। अंतिम नियुक्ति ट्रस्ट द्वारा की जाएगी।