आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राज्यसभा में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की एक सदस्य ने शून्यकाल के दौरान देश में परिवहन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए परिवहन आयोग के गठन की मांग की।
उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान राम मंदिर चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी सांसदों के हंगामे के बीच, केवल दो सदस्यों ही ही लोकमहत्व से जुड़े मुद्दे उठा पाए और बैठक दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
भाजपा की सीमा द्विवेदी ने शून्यकाल के दौरान देश में परिवहन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए परिवहन आयोग के गठन की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए एक समर्पित आयोग का गठन समय की आवश्यकता है।
इसके साथ ही उन्होंने सरकार से छह सितंबर को 'राष्ट्रीय परिवहन दिवस' के रूप में मनाए जाने की मांग पर भी विचार करने का आग्रह किया।
उनका कहना था कि इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों और संस्थानों के योगदान को सम्मान मिलेगा तथा सड़क सुरक्षा, यातायात जागरूकता और बेहतर परिवहन व्यवस्था के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
भाजपा की ही गीता उर्फ चंद्रप्रभा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में कौशल विकास केंद्र खोलने की मांग करते हुए कहा कि जिले में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं तथा शिक्षा, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
उन्होंने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि बदलती हुई परिस्थितियों में कौशल विकास बहुत मायने रखता है। उन्होंने कहा कि औरैया में बड़ी संख्या में युवा तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने के इच्छुक हैं।
उन्होंने औरैया जनपद में कौशल विकास केंद्र खोलने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे युवाओं को कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए आवश्यक सुविधाओं का और विस्तार किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।