आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण सोमवार को राज्यसभा की बैठक शुरू होने के करीब बीस मिनट बाद दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
पूर्वाह्न 11 बजे बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और फिर शून्यकाल शुरू कराया।
उन्होंने शून्यकाल के तहत सदस्यों से लोकमहत्व से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए कहा। इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने, अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग दोहराते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
हंगामे के बीच ही भाजपा के राहुल सिन्हा, तरुण चुघ, डॉ के लक्ष्मण और बाबूभाई जेसंगभाई देसाई ने आसन की अनुमति से लोक महत्व से जुड़े विभिन्न मुद्दे शून्यकाल के तहत उठाए।
विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच सभापति राधाकृष्णन ने शून्यकाल को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से कहा कि सदन में हर दिन इस तरह की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने सदस्यों से शांत रहने और शून्यकाल चलने देने की अपील की।
अपनी बात का असर होता न देख सभापति ने करीब 11.20 बजे बैठक दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दी।
संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है और अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों पर गतिरोध बने होने के कारण उच्च सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही है।
विपक्षी दल राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री से तथा 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से सदन में बयान देने की मांग कर रहे हैं।