आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को गोवा में भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के पोत ‘समुद्र प्रताप’ का जलावतरण करेंगे। यह प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्मित दो पोतों में से एक है।
यह पोत तेल रिसाव का पता लगाने के लिए उन्नत प्रणालियों से लैस है, जिससे विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के भीतर और उसके बाहर व्यापक प्रदूषण-रोधी अभियान चलाने में मदद मिलेगी।
भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार, ‘‘यह उच्च सटीकता वाले अभियानों के संचालन, चिपचिपे तेल से प्रदूषकों को पुन: प्राप्त करने एवं दूषित पदार्थों का विश्लेषण कर सकता है और दूषित पानी से तेल को अलग करने में सक्षम है।’’
आईसीजी ने बताया कि रक्षा मंत्री सिंह दक्षिण गोवा के वास्को स्थित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में पोत ‘समुद्र प्रताप’ का जलावतरण करेंगे।
इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।
आईसीजी के अनुसार, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित इस जहाज में 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।
114.5 मीटर लंबा और 4,200 टन वजनी यह पोत 22 नॉट (समुद्री मील प्रति घंटा) से अधिक की गति और 6,000 समुद्री मील की परिचालन क्षमता से लैस है जिससे आईसीजी की प्रदूषण-रोधी प्रतिक्रिया, अग्निशमन तथा समुद्री सुरक्षा एवं संरक्षा क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
आईसीजी के मुताबिक, यह जहाज अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, जिसमें 30 मिलीमीटर सीआरएन-91 गन, दो 12.7 मिलीमीटर स्थिरीकृत रिमोट-नियंत्रित गन (एकीकृत अग्निशमन प्रणाली के साथ), स्वदेशी एकीकृत ब्रिज सिस्टम, एकीकृत मंच प्रबंधन प्रणाली, स्वचालित ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली और उच्च क्षमता वाला बाहरी अग्निशमन तंत्र शामिल है।