Railway Minister to launch tunnel work for Mumbai-Ahmedabad bullet train on Sunday
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रविवार को मुंबई में विक्रोली से बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्टेशन तक भूमिगत सुरंग की खुदाई के कार्य की शुरुआत करेंगे। मुंबई और अहमदाबाद के बीच देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए पहली बार 'टनल बोरिंग मशीन' (टीबीएम) का उपयोग किया जा रहा है।
इस परियोजना के लिए जर्मनी में विशेष रूप से निर्मित दो टीबीएम मार्च 2026 में चीन से समुद्री मार्ग के जरिए आयात की गईं थीं। ये टीबीएम 'एफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' कंपनी के स्वामित्व में हैं। यह कंपनी कुल 20.37 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण कर रही है। जिसमें सात किलोमीटर लंबा हिस्सा समुद्र के नीचे बनाया जाएगा। यह सुरंग जमीन के स्तर से लगभग 65 मीटर की गहराई में बनेगी।
नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के एक अधिकारी ने बताया कि रेल मंत्री एक बटन दबाकर टीबीएम के संचालन की शुरुआत करेंगे। यह मशीन विक्रोली में जमीन के स्तर से 56.6 मीटर की गहराई में तैनात की गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, पहली टीबीएम विक्रोली से बीकेसी स्टेशन की ओर सुरंग खोदने का काम शुरू करेगी, जो लगभग 5.8 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
वहीं, "दूसरी टीबीएम के कलपुर्जों को वर्तमान में सावली में जोड़ा जा रहा है और इसके एक सप्ताह के भीतर तैयार होने की उम्मीद है। यह मशीन सावली से विक्रोली तक 9.7 किलोमीटर लंबे हिस्से की खुदाई करेगी, जिसमें सात किलोमीटर लंबा समुद्र के नीचे का हिस्सा भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि कुल लंबाई में से, बीकेसी और सावली के बीच 15.4 किलोमीटर हिस्से की खुदाई टीबीएम का उपयोग करके की जाएगी। सावली से शिलफाटा तक का शेष 4.8 किलोमीटर का हिस्सा 'ड्रिल-एंड-ब्लास्ट' पद्धति का उपयोग करके पहले ही पूरा किया जा चुका है।