आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने राष्ट्रपति भवन के ‘ऐट होम’ कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जुड़े ‘गमोसा’ विवाद को सोमवार को लोकसभा में उठाया और दावा किया कि कांग्रेस नेता ने असम के पारंपरिक पटके को फेंक दिया क्योंकि उन्हें ‘‘हमारी विरासत का खयाल नहीं है।’’
सोनोवाल ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया और इस पर चर्चा की शुरुआत करते हुए यह दावा भी किया कि पूर्वोत्तर कांग्रेस को खारिज कर चुका है और अब उसे कभी स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘आपके (कांग्रेस) नेता ने गमोसा फेंक दिया। इतिहास को स्मरण करिए। महात्मा गांधी जब असम गए थे और गमोसा को देखकर कहा था कि इस गमोसे में हमारी महिलाएं अपने सपनों की रचना करती है...आपको हमारी विरासत का कुछ भी खयाल नहीं है।’’
पोत परिवहन मंत्री का कहना था, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि विकास भी, विरासत भी। हमें अपने पुरखों को नहीं भूलना चाहिए, अपनी विरासत को नहीं भूलना चाहिए।’’
भाजपा ने बीते 26 जनवरी को यह आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित पारंपरिक ‘ऐट होम’ कार्यक्रम के दौरान 'गमोसा' नहीं पहना था जो असमिया संस्कृति के साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अनादर है। वहीं, कांग्रेस ने यह कहकर पलटवार किया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी यह "पटका" नहीं पहना था।
सोनोवाल ने केंद्र सरकार की कई योजनाओं का लोकसभा में उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत के साथ कार्य किया है।