कांग्रेस ने केवल काम नहीं करने के बहाने दिए, मोदी सरकार ने चुनौतियों के बावजूद काम किया: सूर्या

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 02-02-2026
Congress only gave excuses for not working, Modi government worked despite challenges: Surya
Congress only gave excuses for not working, Modi government worked despite challenges: Surya

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद तेजस्वी सूर्या ने सोमवार को कांग्रेस और पूर्ववर्ती संप्रग सरकार पर युवाओं को दिशाहीन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी ने दस साल के शासन में केवल काम नहीं कर पाने के बहाने दिए, जबकि मोदी सरकार ने चुनौतियों के बावजूद विकसित भारत की दिशा में कदम बढ़ाया और युवाओं को सशक्त बनाया।
 
सूर्या ने लोकसभा में, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए यह दावा भी किया कि संप्रग सरकार के दस साल के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषणों में विकसित भारत और भारत की संस्कृति, विरासत, भाषा और सभ्यता का एक भी बार जिक्र नहीं किया गया।
 
उन्होंने कहा, ‘‘इस बार राष्ट्रपति के अभिभाषण में जो बात कही गई, वह आजाद भारत के इतिहास में पहले कभी नहीं कही गई थी कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भारत सबसे समृद्ध देश है। इसमें मैकाले के षड्यंत्रों का उल्लेख किया गया। यह सभ्यतागत अंतर दोनों पार्टियों (भाजपा और कांग्रेस) के रुख में है।’’
 
भाजपा सांसद ने कहा 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार आने के बाद वादा किया गया कि देश में परंपरा और प्रौद्योगिकी को एक साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
 
सूर्या ने कहा कि मोदी सरकार ने हृदय योजना, प्रसाद योजना, एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना बनाईं और उसके शासनकाल में ही अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन किया गया।
 
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दस साल तक युवाओं को दिशाहीन किया, उन्हें जागृत करने का प्रयास ही नहीं हुआ, लेकिन आज देश के युवा नये भारत का संकल्प ले चुके हैं।
 
सूर्या ने कहा, ‘‘पिछले दस साल में देश में सबसे बड़ा बदलाव आया है कि समाज की संस्कृति बदली है और आकांक्षाओं में बदलाव हुआ है। दस साल पहले देश के युवाओं की पहली आकांक्षा सरकारी नौकरी की थी और बाद में निजी क्षेत्र में जाते थे। वहां भी रोजगार नहीं मिलता था तो अपना कारोबार करने की सोचते थे।’’
 
भाजपा सदस्य ने कहा, ‘‘आज देश में युवाओं की महत्वाकांक्षा में बदलाव आया है। देश के युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनना चाहते हैं।’’