आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को सीबीआई जांच की मांग को खारिज करते हुए कहा कि राज्य पुलिस अमृतसर में एक अधिकारी की कथित आत्महत्या मामले की जांच करने में सक्षम है। मान ने साथ ही इस बात पर जोर भी दिया कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सोमवार को लोकसभा में दिए गए उस बयान पर पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर पंजाब के सभी सांसद इस मामले पर लिखित अनुरोध करें तो वह ‘वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन’ के अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या की सीबीआई जांच का तुरंत आदेश दे देंगे।
यह बयान कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला द्वारा सदन में यह मुद्दा उठाने के बाद दिया गया था।
रंधावा ने एक वीडियो में पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। भुल्लर ने शनिवार को मान के निर्देश पर मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और उन्हें सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया था।
रंधावा ने कथित तौर पर शनिवार तड़के जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। मान ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम जांच करेंगे... जांच उचित तरीके से की जाएगी। पंजाब पुलिस जांच करने में सक्षम है।’’
उन्होंने कहा कि भुल्लर राज्य मंत्रिमंडल से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि अदालत में पेश किये जाने के बाद भुल्लर को हिरासत में लिया जाएगा। मान ने कहा, ‘‘हम किसी को बचाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। मेरे लिए पंजाब एक परिवार है।’’
उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव स्तर की एक समिति इस घटना की जांच करेगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। मान ने कहा कि यदि किसी अन्य साजिशकर्ता की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।
अमृतसर पुलिस ने शनिवार रात भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और निजी सहायक दिलबाग सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (सामान्य इरादा) के तहत एक मामला दर्ज किया था।