आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पंजाब में बीते साल आई बाढ़ का जिक्र करते हुए मंगलवार को राज्यसभा में एक निर्दलीय सदस्य ने मांग की कि राज्य में नदियों की समय रहते सफाई की जाए और अवैध रेत खनन को रोकने के लिए तत्काल कड़े कदम उठाए जाएं।
भाजपा के नाम निर्देशित सतनाम सिंह संधू ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि पंजाब को हर साल डूबने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि अगस्त 2025 में, भारत के पंजाब के 23 से अधिक जिलों के लगभग 1400 गांवों को विनाशकारी बाढ़ संकट का सामना करना पड़ा, जिसे 1988 के बाद से लगभग चार दशकों में सबसे खराब माना जाता है।
उन्होंने कहा कि इस बाढ़ ने राज्य को तहस-नहस कर दिया, तीन लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर लगी फसल खराब हो गई, तीन लाख से अधिक पशु धन का नुकसान हुआ और कई लोगों की जान चली गई।
संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संकट के समय राज्य का दौरा किया और समय पर राहत दी।
उन्होंने कहा ‘‘समस्या यह है कि नदियों के किनारे रेत का अवैध खनन लगातार जारी है जिसकी वजह से तटों की मिट्टी का क्षरण हो रहा है। नदियों की सफाई न होने की वजह से उनके बहाव की दिशा भी बदल रही है।’’
निर्दलीय सदस्य ने कहा कि पिछले साल की स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाने होंगे क्योंकि ‘‘पंजाब को हर साल डूबने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता।’’