Pune: The immersion journey of Mancha Ganapati started with the sound of drums and cards.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पुणे में शुक्रवार को ढोल-ताशों की गूंज के साथ भव्य गणेश विसर्जन शोभायात्राएं आरंभ हुई। शहर के प्रथम मानाचा गणपति, कसबा गणपति, फूलों से सजी पालकी पर सवार होकर सबसे आगे निकले और फिर शेष चार प्रतिष्ठित मंडलों ने भी शोभायात्रा निकाली।
पुणे नगर निगम और पुलिस अधिकारियों ने सभी बड़े गणेश मंडलों से अपील की कि वे अपनी शोभायात्राएं जल्दी शुरू करें, ताकि भव्य कार्यक्रम बिना अगले दिन तक खिंचे, तय समय पर संपन्न हो सकें।
केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने मंडई चौक पर कसबा गणपति की भव्य पालकी पर माला अर्पित की। इस दौरान 'शंखनाद' और 'ढोल-ताशों' की आवाज से वातावरण गूंज रहा था।
इसके कुछ ही देर बाद, बाकी चार सम्मानित 'मानचे' गणपति मंडलों — तांबडी जोगेश्वरी, गुरुजी तालीम, तुलसीबाग और केसरीवाड़ा — ने भी अपने निर्धारित मार्गों पर मूर्ति विसर्जन यात्रा निकाली।
पुलिस प्रशासन और पुणे नगर निगम (पीएमसी) ने सुरक्षा एवं भीड़ को संभालने के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं।
पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने पत्रकारों से कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी मुख्य रास्तों पर हाई-टेक निगरानी और विशेष सुरक्षा इकाइयां तैनात की गई हैं।