आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय राजधानी के कनॉट प्लेस और उसके आसपास बार-बार हो रहे प्रदर्शनों से कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कुछ दिन तो दुकानों और प्रतिष्ठानों में कुछ भी बिक्री नहीं हुई। भारतीय राष्ट्रीय रेस्तरां संघ (एनआरएआई) ने शुक्रवार को यह कहा।
एनआरएआई के कोषाध्यक्ष मनप्रीत सिंह प्रदर्शनकारियों से व्यावसायिक क्षेत्रों से दूर प्रदर्शन करने की अपील की है।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने शुक्रवार शाम कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘तिरंगा मार्च’ निकालने का आह्वान किया है।
सिंह ने कहा कि प्रदर्शन की घोषणा मात्र से ही लोग खरीदारी और खानपान के इस लोकप्रिय केंद्र में आने से कतराने लगते हैं, भले ही उस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर कोई पाबंदी न हो।
उन्होंने कहा, ‘‘लोग यहां आने से डरते हैं। वे किसी प्रदर्शन में फंसना या किसी मुश्किल स्थिति में पड़ना नहीं चाहते।’’
सिंह ने कहा कि ग्राहकों के पास दूसरे विकल्प होने पर वे कनॉट प्लेस आने से बचते हैं। त्योहारों के मौसम में इसका असर खास तौर पर ज्यादा होता है, क्योंकि इस दौरान परिवार आम तौर पर खरीदारी, मनोरंजन और खानपान के लिए यहां आते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘बिक्री कम होने और बिक्री शून्य होने में फर्क है। कई दिन बिक्री शून्य रही है।’’
एनआरएआई के कोषाध्यक्ष ने बताया कि जंतर-मंतर पर पहले हुए एक महीने लंबे प्रदर्शन के दौरान भी कारोबार को नुकसान पहुंचा था।
सिंह ने कहा कि शुक्रवार सुबह लोगों की आवाजाही सामान्य थी, लेकिन शाम को प्रदर्शन का समय नजदीक आने पर उन्हें आशंका थी कि ग्राहक वहां से जाने लगेंगे या उस इलाके में आने से बचेंगे।
उन्होंने राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों से व्यावसायिक क्षेत्रों के बजाय दूसरे स्थान चुनने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।