आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को ‘श्रमिक अन्नपूर्णा योजना’ के तहत 101 नए भोजन केंद्रों की शुरुआत की। इसके साथ ही निर्माण श्रमिकों के लिए रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने वाली इस योजना का विस्तार राज्य के सभी जिलों में हो गया है।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, नए केंद्रों के शुरू होने के बाद गुजरात के सभी 34 जिलों में योजना के तहत संचालित भोजन वितरण केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 394 हो गई है।
गुजरात भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड ने वर्ष 2017 में ‘श्रमिक अन्नपूर्णा योजना’ की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को प्रति व्यक्ति पांच रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
विज्ञप्ति के अनुसार, योजना के नए केंद्रों की शुरुआत के दौरान मुख्यमंत्री पटेल ने अहमदाबाद में चाणक्यपुरी पुल के पास स्थित अन्नपूर्णा केंद्र में श्रमिकों को भोजन परोसा। उन्होंने स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा में भाग लिया और श्रमिकों से बातचीत भी की।
विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा, समर्पण और सुशासन के उपलक्ष्य में विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को किफायती दरों पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित श्रमिक अन्नपूर्णा योजना के तहत ‘सेवा ही साधना’ के मार्गदर्शक सिद्धांत के अनुरूप इन 101 नए केंद्रों की शुरुआत की गई है।’’
इन केंद्रों का उद्घाटन राज्य के विभिन्न जिलों में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की मौजूदगी में किया गया।सामाजिक सक्रियता जैसे गुणों से भी सीखना चाहिए। वे चाहते थे कि भारत की विभिन्न धार्मिक परंपराएँ एक-दूसरे से सीखें और देश की प्रगति में योगदान दें।
उनकी दृष्टि में किसी धर्म को छोटा या बड़ा साबित करना आवश्यक नहीं था। महत्त्वपूर्ण यह था कि अलग-अलग परंपराओं के अच्छे विचारों को अपनाकर समाज को मजबूत बनाया जाए। यह सोच आज भी भारत में एकता और आपसी सम्मान के लिए उपयोगी है।