परीक्षा में अनियमितता पर प्रदर्शन: भाजपा नेता मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे, कई हिरासत में

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 10-08-2026
Protest against exam irregularities: BJP leaders stage sit-in outside Chief Minister's residence, several detained
Protest against exam irregularities: BJP leaders stage sit-in outside Chief Minister's residence, several detained

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मामले में सीबीआई जांच की मांग की।
 
भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख आदित्य साहू और विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी की अगुवाई में हुए इस धरने में प्रदर्शनकारी नारे लगाते और हाथों में तख्तियां पकड़े हुए नजर आए। इन तख्तियों पर ‘‘छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो’’ और ‘‘जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की सिफारिश करो’’ जैसे नारे लिखे थे।
 
पुलिस अधिकारी ने बताया कि साहू और मरांडी समेत भाजपा के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है।
 
वहीं, भाजपा की झारखंड इकाई के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि उन्हें और कई अन्य नेताओं को सुबह सात बजे से ‘‘नजरबंद’’ कर दिया गया था।
 
झारखंड सरकार ने कहा कि उसने प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों की ‘‘98 प्रतिशत मांगें’’ मान ली हैं, हालांकि प्रदर्शनकारियों का दावा है कि यह सच नहीं है।
 
सरकार ने 14वीं झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा रद्द करने, जेपीएससी परीक्षा में कथित वित्तीय अनियमितताओं की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने और 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने के लिए त्वरित अदालत की स्थापना का प्रस्ताव रखा है।
 
साहू ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार गरीब छात्रों की नौकरियां ‘‘बेच’’ रही है और कहा कि प्रदर्शनकारियों को न्याय तभी मिलेगा जब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से इन अनियमितताओं की जांच कराई जाएगी।
 
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘सरकार में सीबीआई जांच की सिफारिश करने का साहस नहीं है, क्योंकि वह सत्ता के लाभों का आनंद लेना चाहती है।’’
 
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि अपराध जांच विभाग (सीआईडी) से जांच सिर्फ दिखावा है और युवाओं को राज्य की एजेंसी पर भरोसा नहीं है।
 
जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।